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Kanpur: आयकर अधिनियम 2025 पर कार्यशाला, विशेषज्ञ बोले- अब ई-मेल और सोशल मीडिया पर भी विभाग की पैनी नजर

Sat, 20 Jun 2026 11:37 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में आयोजित आयकर कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि नए अधिनियम 2025 के तहत ई-मेल और सोशल मीडिया के जरिए डिजिटल निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। बताया कि अघोषित आय पर 60 फीसदी तक जुर्माने की चेतावनी दी गई है।
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वीडियो ग्रैब - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी और आयकर विभाग के संयुक्त सहयोग से एमएसटीयू हॉल माल रोड में शुक्रवार को आयकर अधिनियम 2025 पर कार्यशाला हुई। यहां आयकर के नए अधिनियम में तलाशी और जब्ती के प्रावधानों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ई-मेल, क्लाउड स्टोरेज और सोशल मीडिया पर आयकर की नजर है।

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सोसाइटी के अध्यक्ष सीए अखिलेश तिवारी ने कहा कि तलाशी और जब्ती आयकर कानून के सबसे संवेदनशील प्रावधानों में से एक हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल निगरानी के बढ़ते उपयोग ने तलाशी प्रक्रियाओं को जटिल बना दिया है। मुख्य वक्ता सीए नवीन भार्गव ने कहा कि आयकर छापे की कार्रवाई के दौरान मिली जानकारी से करदाता की अघोषित आय का निर्धारण होता है।





लागू हो सकते हैं दंडात्मक प्रावधान

सामान्यतः तलाशी से पहले के छह वर्षों तक के अभिलेखों की जांच की जा सकती है। अघोषित आय पर 60 फीसदी तक कर और अन्य दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं। नए आयकर अधिनियम 2025 ने आयकर अधिकारियों को तकनीकी रूप से अधिक सशक्त किया है।
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जानकारी प्राप्त करने के मिले हैं व्यापक अधिकार
अब उन्हें कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने के व्यापक अधिकार मिले हैं।  ई-मेल, क्लाउड स्टोरेज और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल स्रोतों से भी आवश्यक सूचना एकत्र की जा सकती हैं। उन्होंने करदाताओं और पेशेवरों को दबाव में कोई असत्यापित खुलासा न करने की सलाह दी। आधुनिक तलाशी प्रक्रियाओं में डिजिटल साक्ष्य और पंचनामा की भूमिका बढ़ गई है।
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