पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण के बाद इस तरह नजर आएगा सिद्धनाथ घाट
- फोटो : अमर उजाला
एक दिसंबर 2026 तक काम पूरा होना है। इसमें पर्यावरण अनुकूल तकनीक से दाह संस्कार के लिए गोबर से बने लट्ठों का प्रयोग किया जाएगा। दावा किया कि इस विधि से लकड़ी की खपत में 70 प्रतिशत तक कमी आएगी।
पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण के बाद इस तरह नजर आएगा सिद्धनाथ घाट
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दाहसंस्कार की लागत और प्रदूषण भी कम होगा। परंपरागत रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण हो सकेगा। महाना ने कहा कि यह परियोजना पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी।
पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण के बाद इस तरह नजर आएगा सिद्धनाथ घाट
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उन्होंने इस परियोजना में योगदान देने वाले ग्रीन रिवोल्यूशन फाउंडेशन और नगर निगम टीम की सराहना की।महापौर ने नागरिकों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने और नगर को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण के बाद इस तरह नजर आएगा सिद्धनाथ घाट
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नगर आयुक्त सुधीर कुमार, मुख्य अभियंता एसएफए जैदी, जोन-2 के प्रभारी अभियंता दिवाकर भाष्कर आदि शामिल रहे।
पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण के बाद इस तरह नजर आएगा सिद्धनाथ घाट
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ये कार्य होंगे
पक्के घाटों का निर्माण, स्नान के लिए सीढ़ियों का जीर्णोद्धार, बैठने व प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा, शौचालय का निर्माण। सुंदरीकरण, पौधरोपण, कैमरे, अग्निशमन यंत्र, लैंडस्केपिंग, शव यात्रा व नौका विहार के लिए अलग रास्ता।