किसी शिकायत के समाधान के लिए थाने गई थीं
एक के बाद एक विपक्ष नेताओं ने पुलिस के कार्य और भाषा शैली पर सवाल उठाए थे। राजनीतिक हलचल बढ़ने के बाद पुलिस कमिश्नर ने गुरुवार को अनीता गुप्ता और जेसीपी दोनों से वार्ता की। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने कहा कि महिला आयोग की सदस्य के अनुसार वह किसी शिकायत के समाधान के लिए थाने गई थीं। ऐसी विजिट कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इसके बावजूद जेसीपी विनोद कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में ऐसे शब्द आ गए, जिनसे अनावश्यक भ्रम पैदा हुआ।
कठोर से कठोर दंडात्मक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें
बातचीत के बाद सभी भ्रम दूर हो गए हैं और अब किसी पक्ष को आपत्ति नहीं है। वहीं, डीजीपी को अनीता ने पत्र भेजकर कहा कि कानपुर नगर में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के कार्यों को गतिमान करना है, तो पत्र संज्ञान लेते हुए ऐसे पुलिस अधिकारियों पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में ऐसे पत्र जारी कर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के सदस्यों को अपमानित न होना पड़े।
पुलिस का बदला रुख और सवाल न खड़े कर दे
वायरल जेसीपी का पत्र महिला आयोग के निरीक्षण को अधिकार क्षेत्र से बाहर बता रहा था। अब पुलिस कमिश्नर का बयान पूरी तरह उलट है। बयान में कहा गया कि शिकायत होने पर कोई भी व्यक्ति थाने जा सकता है। गलतफहमी शब्दों से पैदा हुई। यह बदलता रुख विपक्ष को और सवाल उठाने का मौका दे रहा है। यदि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान है तो पुलिस को पहले ही यह भाषा क्यों नहीं सूझी।
सहयोग से ही महिलाओं की सुरक्षा संभव
सीपी रघुबीर लाल ने कहा कि आपसी तालमेल और सहयोग से ही महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं रहा है।
आयोग अध्यक्ष बोलीं, सभी को लखनऊ बुलाकर करेंगी बात
गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ने आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान से फोन पर वार्ता की है। इस संबंध में अध्यक्ष बबीता सिंह का कहना है कि वह अभी लखनऊ से बाहर हैं, जल्द ही आकर आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता और पुलिस कमिश्नर व संबंधित पुलिस अधिकारी को लखनऊ बुलाकर इस प्रकरण पर बातचीत की जाएगी। उसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा। आयोग की अध्यक्ष ने दिन में अनीता गुप्ता से भी बात की थी। यह भी पता चला है कि पुलिस कमिश्नरी से अनीता गुप्ता से कोई संपर्क नहीं किया गया।