कानपुर के गोविंदनगर थाना क्षेत्र के संजयनगर बस्ती में केबिल चोरी के मामले में संदिग्ध को उठाने पहुंचे बिना वर्दी के चार आरपीएफ जवानों से महिलाओं ने मारपीट कर दी। जवानों ने किसी तरह वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। भागने के दौरान एक जवान की बाइक मौके पर ही छूट गई।
घटना की जानकारी पर सीओ ने जवानों से मारपीट करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही है। कच्ची में रहने वाली देशरानी ने बताया कि सीटीआई नहर में गाय गिर गई थी। मोनू पासवान कई युवकों के साथ रस्सी की मदद से गाय को बाहर निकाल रहे थे। तभी दो बाइकों से आए चार लोगों ने मोनू को दबोच लिया और ले जाने लगे।
मोहल्ले के लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो युवकों ने मोनू पर रिवाल्वर तान दी। इस पर महिलाएं एकत्रित हुईं और चारों से भिड़ गईं। भीड़ बढ़ती देख चारों भाग निकले। एक बाइक मौके पर ही छूट गई। बाइक में पुलिस का लोगो लगा हुआ था। महिलाओं का आरोप है पूर्व में सादे कपड़ों में आकर कुछ लोग खुद को एसटीएफ से बताकर मोहल्ले के युवकों को उठा चुके हैं।
उनकी पिटाई करके छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये वसूलने की बात बताई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बाइक अपने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की तो सच्चाई का पता चला। सीओ विकास पांडेय ने बताया कि पनकी आरपीएफ प्रभारी एसके झा से जानकारी मिली कि दादानगर रफाका ब्रिज के पास रेलवे की केबिल चोरी का मुकदमा पूर्व में दर्ज था। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। मोनू के संदिग्ध होने पर आरपीएफ उसे पूछताछ के लिए उठाने गई थी। सीओ ने कहा मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।