मामले की जांच लगातार चल भी रही है
टीम ने एक संचालक को गिरफ्तार करके करोड़ों की कर चोरी के मामले में कोर्ट में भी प्रस्तुत किया था। मामले की जांच लगातार चल भी रही है। जांच के दौरान इस तरह के तथ्य भी मिले हैंं, जिसमें ब्रांडेड कंपनियों के बीच सांठगांठ होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इस दिशा में भी जांच की जा रही है। दरअसल, शहर में पान मसाला की 12 इकाइयां हैं। यहां देश के प्रसिद्ध ब्रांड के पानमसाला तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा लखनऊ, नोएडा में तैयार होने वाले उत्पाद शहर आते हैं।
अलग-अलग प्रकार के उपकर का भुगतान किया जाना है
एक फरवरी को आए नए नियमों में फैक्टरी संचालक को यह भी बताना था कि पान मसाला फैक्टरी में कितनी मशीनें हैं। हर फैक्टरी को अलग-अलग पंजीकरण कराना था। सात दिन के भीतर मशीनों की अधिकतम रेटेड स्पीड आदि भी स्पष्ट करनी होती है। इनसे बचने के लिए इकाइयों ने अपना उत्पादन घटाना शुरू कर दिया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पान मसाला के उत्पादन की क्षमता के आधार पर अलग-अलग प्रकार के उपकर का भुगतान किया जाना है।
अवैध इकाइयों पर लगातार की जा रही है कार्रवाई
यह जीएसटी एवं एक्साइज के अलावा अलग से भुगतान करना होता है। एक कंपनी का प्रतिदिन का घोषित कारोबार पहले 25 करोड़ था जो अब 15-20 करोड़ दिखाया जा रहा है, जबकि पानमसाला की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्पादन कम दिखाया जा रहा है, लेकिन कमरों में इकाइयां संचालित करने वाला जुगाड़ निकालकर चोरी-छिपे काम शुरू किया गया है। एसजीएसटी के अपर आयुक्त कुमार आनंद का कहना है कि कर चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अवैध इकाइयों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पूरे उत्पादन के आंकड़ों को नहीं करते घोषित
मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकार का मानना है कि इन वस्तुओं के निर्माता एवं ट्रेडिंग करने वाले व्यापारी न तो अपने सही व पूरे उत्पादन के आंकड़ों को घोषित करते हैं और न ही सरकार को सही राजस्व की अदायगी करते हैं। इसके चलते ही नए नियम लागू किए गए थे।
एक मशीन पांच घंटे में तैयार करती 15 हजार पाउच
मशीनों पर सरकार इसलिए निगरानी बढ़ा रही है ताकि कर चोरी खत्म की जा सकी। एक मशीन यदि पांच घंटे तक लगातार चलती है तो 15 हजार पाउच तैयार होते हैं। इससे जुड़े कारोबारी कई शिफ्टों में माल तैयार करते हैं या फिर ऑर्डर के अनुरूप लगातार मशीनें चलवाते हैं लेकिन कारोबारी आंकड़ों में हमेशा कम मशीन चलना दिखाता है। इसके चलते तैयार और कच्चा माल, पैक माल में भी कर चोरी की जाती है।
अगरबत्ती फैक्टरी में बन रहा था पान मसाला
एसजीएसटी के अफसरों ने 15 सितंबर को इस्पातनगर में अवैध पान मसाला और पैकिंग फैक्टरी पर छापा मारा था। यहां पर कई बड़े ब्रांडों की पैंकिंग मैटीरियल मिला था। एक वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन जब्त की थी। भवन परिसर गुलाल और अगरबत्ती निर्माण के लिए किराये पर दिया गया था। इसी तरह गुजैनी में 12 सितंबर को छापा मारा गया था। यहां पर भी कई बड़े ब्रांडों के उत्पाद बनते मिले थे। इन दोनों इकाइयों का पंजीकरण ही नहीं था। ये इकाइयां फरवरी महीने के अंत में खुली थी और चोरी-छिपे काम हो रहा था।