बक्से से बरामद हुआ था मधु का शव
पुलिस घर पहुंची तो घर में ताला लटका था। ताला तोड़ा गया] तो घर के अंदर बक्से से मधु का शव बरामद हो गया था। मधु के भाई पुरुषोत्तम ने बर्रा थाने में सतीश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि सतीश और मधु दोनों एक ही आयुर्वेदिक कंपनी में काम करते थे और लगभग 20-22 साल पहले दोनों की शादी हुई थी। पुलिस ने सतीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
सबूत मिटाने के लिए कर दी थी घर की धुलाई
हत्या के बाद सतीश ने घर में पहले सरसों का तेल डाला और फिर बहाने से पानी से धोकर घर की सफाई कर दी। इसके बाद कंपनी के काम से औरैया चला गया। शाम को लौटा और अगले दिन पत्नी की गुमशुदगी बर्रा थाने में दर्ज कराई।
छोटा बेटा बयान से मुकरा, बड़े ने पिता के पक्ष में दी थी गवाही
मधु के बड़े बेटे आयुष ने पिता के पक्ष में गवाही दी थी जबकि छोटा बेटा पीयूष कोर्ट में अपने बयान से मुकर गया था। उसने कोर्ट में कहा था कि माता-पिता दोनों एक ही आयुर्वेदिक दवा कंपनी मेंं काम करते थे और अक्सर बाहर आया-जाया करते थे। घटना के दिन हम दोनों भाई घर में नहीं थे। मैं कोचिंग गया था और भाई अपने काम पर गया था। पिता जी ने मां की हत्या नहीं की और न ही लाश को छिपाया। न ही मोबाइल बंद करके फेंका था। मैंने दरोगा जी को कोई बयान नहीं दिया।
पुलिस को करता रहा गुमराह
पत्नी की हत्या के बाद सतीश पुलिस को गुमराह करने के लिए मधु का मोबाइल लेकर इधर-उधर घूमता रहा। पुलिस को बताया था कि मधु का फोन चालू हुआ था लेकिन बात नहीं हो पाई। वह बहुत घबराई हुई थी। मधु के मोबाइल की लोकेशन कभी बर्रा बाईपास तो कभी तात्याटोपेनगर मिल रही थी। पत्नी को ढूंढने के नाम पर पुलिस और रिश्तेदारों को गुमराह करता रहा था।