फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: पेंशन की टेंशन में विधवाएं दे रहीं गरीबी का हलफनामा, 1818 महिलाओं को विभाग ने माना था आयकरदाता, पढ़ें मामला

Fri, 06 Feb 2026 06:12 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में आयकरदाता करार दिए जाने के बाद 1818 विधवा महिलाओं की पेंशन रुकने की नौबत आ गई है, जबकि वे वास्तविक रूप से बेहद गरीब हैं। प्रभावित महिलाएं अब हलफनामा और झोपड़ियों की फोटो के जरिए अपनी गरीबी साबित करने की कोशिश कर रही हैं, जिसके बाद प्रशासन ने जमीनी सत्यापन शुरू किया है।
विज्ञापन
जिला प्रोबेशन कार्यालय के बाहर हलफनामा लेकर बैठी महिलाएं - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

  • केस वन- सनिगवां के गायत्रीनगर निवासी विक्रमता बाजपेई ने हलफनामे में लिखा है कि पति सुनील कुमार की 2018 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से उनको योजना का लाभ मिल रहा है। किसी तरह परिवार का खर्च चलाती हूं। दो लाख से कम सालाना आय है। कभी इनकम टैक्स तक नहीं भरा। विभाग इसकी जांच भी करा सकता है।
  • केस दो- दहेली सुजानपुर की रहने वाली कमलेश देवी ने बताया कि पति राम शंकर की मृत्यु 2008 में हो गई थी। इसके बाद से योजना का लाभ ले रही हैं। की वार्षिक आय एक लाख रुपये भी नहीं है। पेंशन से गुजर-बसर चल रहा है। उन्होंने आज तक पैन कार्ड तक नहीं बनवाया।
विज्ञापन

कानपुर में सरकारी नोटिस ने विधवा पेंशन की लाभार्थियों की टेंशन बढ़ा दी है। नोटिस में उन्हें आयकरदाता करार दिया गया है जबकि हकीकत में वह गरीबी से जूझ रही हैं। एक माह पहले विधवा पेंशन बंद होने का नोटिस देखकर महिलाएं विभाग के चक्कर काट रही हैं। अपनी हकीकत बयां करने के लिए जिला प्रोबेशन विभाग को गरीबी का हलफनामा दे रही हैं। अभी तक 50 से अधिक महिलाओं ने हलफनामा विभाग को दे दिया है। एसडीएम और बीडीओ घर-घर सत्यापन कर रहे हैं।

जिले में करीब 68 हजार विधवा पेंशन लाभार्थी हैं। सरकार आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से हर तिमाही खाते में पैसा भेजती है। योजना के तहत बीते एक साल से लाभार्थियों को फैमिली आईडी से जोड़ने का और केवाईसी अपडेट कराने का काम चल रहा है। दिसंबर में शासन ने 1818 विधवाओं को आयकरदाता पाया और जिला प्रोबेशन विभाग को सूची भेजकर पेंशन बंद करने के निर्देश दिए।

महिलाओं से गरीबी का हलफनामा मांगना शुरू कर दिया
विभाग ने नोटिस भेजकर सत्यापन कराने का निर्णय लिया। नोटिस पहुंचते ही वास्तविक में गरीब महिलाएं कार्यालय पहुंच गईं। विधवाएं कार्यालयों अपने कच्चे मकानों की तस्वीरें, झोपड़ी और अपनी व्यथा अफसरों को बता रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी आयकर नहीं भरा। किसी तरह से परिवार का पेट पाल रहे हैं। मामलों को बढ़ता देख विभाग ने इन महिलाओं से गरीबी का हलफनामा मांगना शुरू कर दिया है। अफसरों का कहना है कि जो वास्तविक में गरीब मिला हैं, तो पेंशन नहीं रोकी जाएगी।
विज्ञापन

सभी महिलाओं को नोटिस भेजा गया है। अब कई महिलाएं खुद को गरीब और जरूरमतमंद बता रही हैं। उनसे एक हलफनामा लिया जा रहा है। इसके साथ सत्यापन भी कराया जा रहा है। सत्यापन में जो विधवाएं गरीब मिलीं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी।  -विकास सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें