कानून के हाथ लंबे होते हैं जो अपराधी के गिरेबां तक पहुंच ही जाते हैं लेकिन जब बात अपनों की हो तो कानून का पालन करने-कराने वाली खाकी के हाथ सिकुड़ जाते हैं। काकादेव थाने की शास्त्री नगर चौकी की घटना से तो यही साबित हो रहा है। मार्च में शास्त्री नगर चौकी में शास्त्री नगर निवासी अभिषेक सिंह नामक युवक की बेरहमी से पिटाई के मामले में डीसीपी सेंट्रल ने चौकी इंचार्ज पवन मिश्रा को निलंबित किया था।
पिटाई में उनके साथ रहे चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठाई थी। इसके 61 दिन बाद भी मामला फाइल में दफन है। इतना ही नहीं दो माह बाद भी नए चौकी इंचार्ज की तैनाती तक नहीं की जा सकी है। अभिषेक सिंह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि घरेलू विवाद में पत्नी शिवांगी की शिकायत पर चौकी इंचार्ज रहे पवन मिश्रा समेत पुलिसकर्मी अरुण त्रिवेदी, राजू खरवार, जसवंत सिंह और सुमित सिंह चौहान उन्हें चौकी ले गए और बेरहमी से पीटा।