फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: अटल घाट पर नव संवत्सर 2083 का स्वागत, 110 बटुकों और 108 ध्रुपद गायकों ने रचा इतिहास, देखें तस्वीरें

Thu, 19 Mar 2026 10:25 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर के अटल घाट पर 108 ध्रुपद गायकों और 110 बटुकों ने वैदिक परंपरा के साथ भारतीय नव वर्ष 2083 का स्वागत किया। संगीत, नृत्य और गंगा आरती के बीच हजारों लोगों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर नए संवत्सर की शुरुआत की।
विज्ञापन
अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में भारतीय नववर्ष विक्रम संवत् 2083 का स्वागत गुरुवार को सूर्योदय से पूर्व गंगा बैराज स्थित अटल घाट पर भव्य और संगीतमय माहौल में किया गया। कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम में 110 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान भास्कर का आह्वान किया।

विज्ञापन

अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत - फोटो : amar ujala
प्रातः काल अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ध्रुपद गायक पंडित विनोद कुमार द्विवेदी और आयुष द्विवेदी ने अपने 108 शिष्यों के साथ ध्रुपद शैली में सूर्य मंत्र प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। जैसे ही सूर्यदेव का उदय हुआ, शंखनाद और नासिक से आए पारंपरिक ढोल वाद्यों की गूंज के बीच जल स्तुति की गई।

अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत - फोटो : amar ujala
कलाकारों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण 108 ध्रुपद गायकों की सामूहिक प्रस्तुति रही, जिसे एक अनोखा और संभावित विश्व रिकॉर्ड माना जा रहा है। कलाकारों ने राग अहीर भैरव में ‘नव संवत्सर मंगलमय हो’, राग मालकौंस में ‘शंकर हर-हर’, राग चारुकेशी में ‘राजा रामचंद्र’, राग भैरवी में ‘माता भैरवी त्रिपुरा’ और राग कलावती में ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन

अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत - फोटो : amar ujala
http://



नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को बना दिया दिव्य

कार्यक्रम के अंत में मां गंगा की भव्य आरती, शिव तांडव और मां स्तुति पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया। सुबह चार बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बुजुर्ग और युवा घाट पर एकत्रित हो गए थे। सभी ने एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का आनंद लिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें