अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत
- फोटो : amar ujala
प्रातः काल अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ध्रुपद गायक पंडित विनोद कुमार द्विवेदी और आयुष द्विवेदी ने अपने 108 शिष्यों के साथ ध्रुपद शैली में सूर्य मंत्र प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। जैसे ही सूर्यदेव का उदय हुआ, शंखनाद और नासिक से आए पारंपरिक ढोल वाद्यों की गूंज के बीच जल स्तुति की गई।
अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत
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कलाकारों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण 108 ध्रुपद गायकों की सामूहिक प्रस्तुति रही, जिसे एक अनोखा और संभावित विश्व रिकॉर्ड माना जा रहा है। कलाकारों ने राग अहीर भैरव में ‘नव संवत्सर मंगलमय हो’, राग मालकौंस में ‘शंकर हर-हर’, राग चारुकेशी में ‘राजा रामचंद्र’, राग भैरवी में ‘माता भैरवी त्रिपुरा’ और राग कलावती में ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अटल घाट पर उतरा देवलोक, नव वर्ष 2083 का स्वागत
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नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को बना दिया दिव्य
कार्यक्रम के अंत में मां गंगा की भव्य आरती, शिव तांडव और मां स्तुति पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया। सुबह चार बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बुजुर्ग और युवा घाट पर एकत्रित हो गए थे। सभी ने एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का आनंद लिया।