तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार
जलवायु परिवर्तन का जो असर सामने दिख रहा है उससे मार्च महीने में ही तीखी गर्मी झेलनी पड़ेगी। प्रदेश में इस बार सर्दी के मौसम में तुलनात्मक रूप से कम बारिश हुई। इसके असर से तापमान में लगातार बढ़त देखने को मिल रही है। इस बार मार्च में ही मध्य भारत से लगे प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ सप्ताह में तीन से चार बार आया
बताया कि मार्च से मई के बीच न सिर्फ अधिकतम व न्यूनतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने के संकेत हैं, बल्कि हीट वेव के दिनों की संख्या में भी इजाफा होगा। जलवायु परिवर्तन को असर इस बार इतना तेज रहा कि ठंड के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ सप्ताह में तीन से चार बार आया।
तापमान में होती गई बढ़ोत्तरी
इसकी वजह से नम हवाएं नहीं चल पाईं, जिससे ठंडक नहीं पड़ी। इस कारण तापमान में बढ़ोत्तरी होती गई। आमतौर पर ठंड के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता सप्ताह में एक बार ही रहती है, जिससे नम हवाओं का सिलसिला रुक नहीं पाता है। इस बार ऐसा नहीं हुआ।