रात का पारा 13 से 15 डिग्री के बीच रहने की संभावना
इसका असर उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्र में भी दिखेगा। डॉ. पांडेय ने बताया कि इस बीच हिमालय से अपने वाली हवाओं की वजह से ठंड कई दिनों तक रह सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिन तक बादल बने रहने की वजह दिन का तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस के आसपास और रात का पारा 13 से 15 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। बादल खुलने के बाद रात के तापमान में गिरावट आ सकती है।
प्रदूषण और ठंड से सीओपीडी के दो रोगियों की मौत
प्रदूषण और ठंड बढ़ने के साथ अस्थमा और दमा के रोगियों की तकलीफ बढ़ी है। वायरल संक्रमण होने से स्थिति और खराब हो जा रही है। इसके साथ ही ब्रेन अटैक के रोगी बढ़ गए हैं। हैलट इमरजेंसी में रात तक 41 रोगी भर्ती किए गए। इनमें आठ रोगी ब्रेन अटैक के हैं। इसके साथ ही अस्थमा और दमा अटैक के रोगी भर्ती किए गए। दो सीओपीडी रोगियों की मौत हो गई।
रोगियों को गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया है
डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल का आईसीयू फुल हो गया है। सांस तंत्र के पांच रोगियों को गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया है। सीओपीडी रोगी राजा बेटी (65) की मौत हो गई। रोगी का इलाज उर्सला में चल रहा था। इसी तरह हैलट गंभीर हालत में लाए गए नौबस्ता के किशोरीलाल (61) की मौत हो गई।
हैलट की मेडिसिन की ओपीडी में 350 रोगी आए
इमरजेंसी पहुंचने पर जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि उनका सात साल से अस्थमा का इलाज चल रहा था। हैलट की मेडिसिन की ओपीडी में 350 रोगी आए। इनमें बुखार व सांस के रोगियों की संख्या अधिक थी। उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि प्रदूषण और ठंड के कारण सांस रोगियों की तकलीफ बढ़ गई है।
प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं 150 रोगी
हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में विभिन्न विभागों से संबंधित 150 रोगी प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। उर्सला में भी सांस के रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया। ब्रेन अटैक के रोगी गोल्डन आवर में नहीं आ पा रहे हैं। इसी तरह कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
पीएम 2.5 कणों में इजाफा, खराब श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण
ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ गया है। मंगलवार को सुबह से ही महानगर के नेहरू नगर और किदवई नगर प्रदूषण की मात्रा 200 एक्यूआई से ऊपर रही। एक दिन पहले तक सिर्फ नेहरू नगर में ही सुबह के समय प्रदूषण 200 एक्यूआई से ज्यादा था। कल्याणपुर में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मॉनीटर दो दिन से बंद है।
आंखों में जलन भी महसूस हो रही है
कोहरा बढ़ने से प्रदूषित कण पीएम 2.5 की मात्रा निचली परत में जमा हो रही है। इसमें धुआं, धूल कणों की मात्रा अधिक होने से लोगों के आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। सीपीसीबी के प्रदूषण मॉनीटर के अनुसार मंगलवार को शहर का प्रदूषण खराब श्रेणी में रिकार्ड हुआ है।
इस तरह रही प्रदूषण की मात्रा
सुबह 11 बजे नेहरूनगर-216, किदवईनगर-208
शाम छह बजे नेहरूनगर-216, किदवईनगर-207
रात नौ बजे नेहरूनगर-218, किदवईनगर-208