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Kanpur Weather Update: 'रेडिएशन फॉग' ने ढका आसमान; रात और दिन के तापमान में बदलाव, खाड़ी युद्ध से लू का खतरा

Wed, 11 Mar 2026 10:40 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Weather News: कानपुर और आसपास के जिलों में रेडिएशन फॉग के चलते विजिबिलिटी 30 मीटर तक रही। वहीं, विशेषज्ञों ने खाड़ी युद्ध के चलते इस साल भीषण लू चलने की चेतावनी दी है।
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kanpur weather update - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मार्च में दिसंबर-जनवरी जैसी धुंध हो रही है। मंगलवार-बुधवार सुबह छह बजे दृश्यता सिर्फ 30 मीटर रही है, जबकि सामान्य दृश्यता 300 मीटर से अधिक होती है। साथ ही रात और दिन के तापमान में 15 डिग्री से अधिक अंतर आ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा मौसम मानव और पशु दोनों के लिए अच्छा नहीं होता। हीट इंडेक्स भी बढ़ सकता है। मौसम का यह असर कानपुर मंडल, बुंदेलखंड, लखनऊ मंडल के हरदोई तक देखने को मिला है।

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वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि मार्च में दिन का तापमान 34.9 डिग्री तक पहुंच गया और धुंध बढ़ गई। इसे रेडिएशन फॉग कहते हैं। दिन में तेज धूप के कारण धरती गर्म हो जाती है और हवा में नमी बढ़ जाती है। रात में जब आसमान साफ होता है, तो धरती अपनी गर्मी अंतरिक्ष में तेजी से छोड़ती है जिससे सतह के पास की हवा अचानक ठंडी हो जाती है।

पश्चिमी विक्षोभ लेकर आते हैं नमी
यह ठंडी हवा नमी को धारण नहीं कर पाती और वह पानी की छोटी बूंदों में बदलकर धुंध का रूप ले लेती है। मंगलवार को दिन में 34.9 डिग्री और रात में तापमान गिरकर 19.8 डिग्री तक आ गया। तापमान में 25.1 डिग्री के फर्क आने से वातावरण में जो अस्थिरता पैदा हुई, वह सुबह के समय धुंध का कारण बन गई। मार्च में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी लेकर आते हैं।

kanpur weather update - फोटो : amar ujala
कंडेनसेशन न्यूक्लिआई का काम करते हैं धूल और धुएं के कण
यह नमी जब रात की ठंडी हवा के संपर्क में आती है तो धुंध ज्यादा हो जाती है। उन्होंने बताया कि अगर हवा की गति बहुत कम या शांत है, तो धुंध बिखर नहीं पाती और सतह के करीब जमा रहती है। हवा में मौजूद धूल और धुएं के कण कंडेनसेशन न्यूक्लिआई का काम करते हैं। इन पर नमी आसानी से जम जाती है और धुंध अधिक घनी दिखने लगती है।

अगले पांच दिन तक साफ रहेगा आसमान
नगर के अलावा कानपुर मंडल के जिलों, बुंदेलखंड और लखनऊ मंडल के हरदोई जिले में भी धुंध छाई रही। यहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अधिक फर्क देखने को मिला। इन जिलों में धुंध छाए रहने के कारण मंगलवार को दृश्यता 20 से 40 मीटर तक रही है। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि वेधशाला में सुबह की नमी 94 फीसदी दर्ज की गई है। अगले पांच दिन तक आसमान साफ रहेगा।
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kanpur weather update - फोटो : amar ujala
खाड़ी युद्ध के असर से तेज चल सकती लू
डॉ. पांडेय के मुताबिक, ईरान-इस्राइल संघर्ष का सीधा असर देश की जलवायु पर पड़ने की संभावना कम है लेकिन विशेषज्ञों ने इसके कुछ अप्रत्यक्ष प्रभावों की ओर इशारा किया है। उनका मानना है कि यदि युद्ध में भारी मात्रा में मिसाइलों और विस्फोटकों का उपयोग होता है तो वहां से उठने वाले धूल और धुएं के कण पछुआ हवाओं के साथ दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच सकते हैं। कार्बन और धूल के कण वातावरण में फैलने पर तापमान का पैटर्न प्रभावित हो सकता है। इससे समुद्र और जमीन के बीच के तापमान का संतुलन बिगड़ेगा। इससे दक्षिण-पश्चिम मानसून की तीव्रता कम होने की आशंका रहेगी। वायुमंडलीय बदलावों से इस साल भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना बढ़ सकती है।
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