दीपक सिंघवानी, मयंक गुप्ता और विजय पंडित
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सरकार की ओर से कॉमर्शियल सिलिंडरों पर रोक लगाए जाने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई और गेस्ट हाउस संचालकों में खलबली मच गई है। सहालगी सीजन और ईद को देखते हुए मंगलवार को कारोबारी दिन भर गैस के अन्य विकल्पों पर तैयारी करते रहे। डीजल भट्ठी, कोयले की भट्ठी आदि तैयार करवाने में लगे रहे। शहर में प्रतिदिन 50 करोड़ का खानपान का व्यापार है। कारोबारियों का कहना है कि ज्यादा संकट बढ़ा तो मिठाई, रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों बंदी में हो सकती है।
मुंबई और बंगलूरू में होटल बंद किए जा चुके हैं। शहर भर में पांच हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें हैं। 200 होटल और 1500 गेस्ट हाउस भी संचालित होते हैं। सरकार के नए फरमान से होटल, रेस्टोरेंट संचालक परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा समय में सभी बड़े होटलों, रेस्टारेंटों में आधुनिक किचन बने हुए हैं। नई व्यवस्था में कोयले की भट्ठी, ओवन आदि का इस्तेमाल करना पड़ेगा। सहालगी सीजन में इतनी बड़ी आफत आ गई है।