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Kanpur Weather: सूखी पछुवा ने गलन बढ़ाई, एक डिग्री गिरा दिन का पारा, अगले सप्ताह बूंदाबांदी का अनुमान

Sat, 14 Dec 2024 09:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Weather News: मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह बूंदाबांदी का अनुमान है। हवा में नमी बढ़ेगी। हवाओं की गति बढ़ने से धुंध छंटी और दृश्यता 1700 मीटर रही।
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कानपुर का मौसम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमालय से आ रही सूखी ठंडी पछुवा ने माहौल में गलन बढ़ा दी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा में नमी नहीं है। यह सिर्फ ठंडी है। इससे गलन अधिक तकलीफ देह हो जाती है। सूखी हवा से पशुओं और मानव दोनों को दिक्कत होती है। बारिश होने के बाद हवा में नमी बढ़ जाएगी। हवाओं की रफ्तार बढ़ने से धुंध कम हो गई है। सीएसए के मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार सुबह दृश्यता सामान्य दो किमी की तुलना में 1700 मीटर रही। हवाओं में निरंतरता बने की रहने की वजह से आने वाले दो दिनों में ठंड और बढ़ने का अनुमान है।

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हवाओं की निरंतरता बने रहने से 24 घंटे में अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है। वहीं, रात में बादल रहने के कारण न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री बढ़ा है। लेकिन अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य औसत से कम रहे हैं। अधिकतम तापमान 14 दिसंबर के सामान्य औसत से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम और न्यूनतम 0.3 डिग्री कम रहा। पछुवा ने अपनी गति बढ़ा दी। शनिवार को 8.1 किमी प्रति घंटा गति से हवा चली। इससे माहौल में नमी कम हुई। 24 घंटे में माहौल में नौ फीसदी नमी घटी है।

अगले सप्ताह बदलाव के संकेत
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि पछुवा हवा में निरंतरता के कारण ठंड बढ़ रही है। कानपुर परिक्षेत्र समेत देश के सौ शहरों का तापमान गिरा है। स्थिति ऐसी ही रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह बदलाव के संकेत हैं। इससे कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि रविवार और सोमवार को तापमान और गिरने का अनुमान है। बारिश न होने से हवा सर्द तो है लेकिन सूखी है। यह पशुओं और मानव दोनों के लिए नुकसानदेह होती है।


 
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सूखी ठंड में बढ़ती दिल, दिमाग और सांस की दिक्कत
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. बीपी प्रियदर्शी का कहना है कि सूखी ठंड (ड्राई कोल्ड) में नसों में सिकुड़न अधिक आती है। इससे खून का थक्का जमने का खतरा बढ़ता है। इससे हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। इसके साथ ही सांस की एलर्जी बढ़ती है। इससे अस्थमा, सीओपीडी के रोगियों को जटिलताएं बढ़ती हैं।

तापमान
अधिकतम- 23 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 8.8 डिग्री सेल्सियस
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