धूप खिली तो हो गए लापरवाह, 65 को पड़ा हार्ट अटैक
शीतलहर थमी और धूप निकली, तो लोगों ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी, जिससे हार्ट अटैक के रोगी बढ़ गए हैं। तापमान के उतार-चढ़ाव की वजह से रोगियों का ब्लड प्रेशर एकदम से बढ़ गया, जिसकी वजह से हार्ट अटैक के लक्षण उभर आए। मंगलवार को ठंड कम रही लेकिन सीजन के सबसे अधिक हार्ट अटैक के 65 रोगी आए।
इससे पहले आठ जनवरी को आए थे, सबसे अधिक 50 मरीज
इन्हें भर्ती करके उपचार शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही इमरजेंसी में भी रोगियों की संख्या अधिक रही। इस सीजन में सबसे अधिक हार्ट अटैक के 50 रोगी आठ जनवरी को आए थे। इसके बाद 30 जनवरी को 65 रोगी भर्ती किए गए हैं। चार, पांच, 20 और 29 जनवरी को 49-49 हार्ट अटैक के रोगी भर्ती किए गए थे।
पांच दिनों में हार्ट अटैक के 231 रोगी भर्ती हुए
एलपीएस कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर राकेश वर्मा ने बताया कि धूप निकलने और ठंड कम होने पर लोग लापरवाही बरतने लगते हैं। धूप निकलने का मतलब यह नहीं कि ठंड का असर कम हो गया है। उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों को एहतियात बरतना चाहिए। डॉ. वर्मा ने बताया कि हार्ट अटैक के रोगियों के समय से आ जाने की वजह से इलाज मिल जाता है और जान बच जाती है। कार्डियोलॉजी में बीते पांच दिनों में हार्ट अटैक के 231 रोगी भर्ती हुए हैं। मंगलवार को ओपीडी में 995 रोगियों की जांच कराई और इमरजेंसी में 70 रोगी आए।