इसी तरह पूर्व महासचिव जफर शाकिर भी सचिव बनाए जाने से नाराज हैं। उनका मानना है कि इससे उनकी गरिमा को चोट पहुंचाई गई है। महेंद्र भदौरिया सचिव बनाए जाने से नाराज हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें कोई पद नहीं चाहिए, वह एक कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे। मुकेश वाल्मीकि, जियाउर्रहमान सचिव बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं, तो सुरेश बक्शी ने सोशल मीडिया पर इस्तीफा देने की बात लिखी है।
महानगर कार्यकारिणी में कुल 75 लोगों को दी गई जगह
इस संबंध में महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि उपाध्यक्ष और महासचिव के लिए चयनित पदाधिकारी राष्ट्रीय नेतृत्व से निर्धारित होकर आए हैं, क्योंकि ज्यादातर कार्यकर्ता इन्हीं दो पदों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में इन सभी की बातें प्रदेश नेतृत्व के पास भेज रहे हैं, जैसा वहां से फैसला होगा, वैसे किया जाएगा। एक दिन पहले जारी की गई महानगर कार्यकारिणी में कुल 75 लोगों को जगह दी गई है। इसमें पांच उपाध्यक्ष, 20 महामंत्री और 45 सचिव बनाए गए हैं।