मौसमी उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण तेज हो गया है। बच्चों और युवाओं में कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) के रोगी बढ़ गए। इसके साथ ही बुखार और वायरल डायरिया के रोगी बढ़े हैं। ज्यादातर बुखार के रोगी को गले का संक्रमण है। वायरल निमोनिया से एक रोगी की मौत हो गई। आठ रोगियों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।
हैलट के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में कंजंक्टिवाइटिस के 26 रोगी आए। विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि रोगी अचानक बढ़े हैं और देर से ठीक हो रहे हैं। संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहीं, मेडिसिन की ओपीडी में सबसे अधिक रोगी वायरल फीवर और डायरिया के हैं।
कल्याणपुर के निजी अस्पताल में भर्ती रावतपुर निवासी अच्छन (56) को वायरल फीवर के बाद निमोनिया हो गया। सोमवार दोपहर उसे कल्याणपुर के निजी अस्पताल से हैलट रेफर किया गया। रोगी के भाई दीपू ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा कि निमोनिया हो गया वेंटिलेटर की जरूरत है। हैलट ले जाओ, यहां पहुंचते ही मौत हो गई। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि रोगियों को गले का संक्रमण हो रहा है। सांस फूलने का लक्षण भी मिल रहे हैं। वायरल निमोनिया के रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है। पहले से किसी रोग से पीड़ितों को संक्रमण तेजी से पकड़ रहा है।