वायरल फीवर के बाद निमोनिया हो जाने से दो रोगियों की मौत हो गई। साथ ही रोगी हैलट इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं। वायरल निमोनिया के अलावा डेंगू लाइक फीवर, टाइफाइड के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि इक्का-दुक्का रोगी मलेरिया और डेंगू के भी आ रहे हैं। जलभराव होने से वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के संक्रमण बढ़े हैं।
नौबस्ता के रहने वाले अनंत (60) और चौडगरा क्षेत्र के रहने वाले विनोद (55) की वायरल फीवर के बाद निमोनिया से मौत हुई है। अनंत का इलाज क्षेत्र के अस्पताल में चल रहा था। विनोद को रामादेवी के अस्पताल में भर्ती किया गया। विनोद को सांस में दिक्कत होने पर हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया लेकिन मौत हो गई। अनंत के बेटे राजेश ने बताया कि उन्हें अस्थमा की दिक्कत रही है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि कुछ रोगियों को वायरल फीवर के बाद निमोनिया हो रहा है। एक-दो रोगी ऐसे आ रहे हैं जिनकी एक्सरे रिपोर्ट सफेद आती है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि सीजनल बुखार फैला हुआ है। स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं का वितरण कराया जा रहा है।