मुख्तार बाबा और उसके भाई की प्रताड़ना की शिकार कैंसर पीड़ित जीनत उर्फ रानी ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आपबीती बताई। जीनत ने बताया कि पति मुमताज अहमद ने स्वरूप नगर में भूखंड संख्या 112/338 और 112/339 के भूतल पर जिंदगी भर की जमा पूंजी से वर्ष 2001 में 16 दुकानें बनवाई थी। वर्ष 2002 में मुख्तार बाबा ने चुन्नीगंज के रतन स्क्वायर अपार्टमेंट निवासी अपने छोटे भाई मुश्ताक के नाम पर 11 माह के लिए दो दुकानें ली थीं। इसका फूड लाइसेंस भी मुश्ताक के नाम पर है।
वर्ष 2002 और 2008 में दो-दो बार एग्रीमेंट तैयार कराए गए, लेकिन मुश्ताक ने हस्ताक्षर नहीं किया। इस बीच धीरे-धीरे उसने आठ दुकानों पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि दबाव बनाने पर पूरे परिवार को जान माल की धमकी दी गई। थाने में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच उनके बेटे और पति का देहांत भी हो गया। बाबा ने अपने बेटे महमूद उमर के दोस्तों को किराये पर तीन दुकानें दिलवाईं थीं। फिर उन्होंने उसपर कब्जा कर लिया। आरोप है कि वर्ष 2020 में मुख्तार बाबा, मुश्ताक और किरायेदार इरफान, सलमान, सुभाष और धनराज ने फर्जी दस्तावेज के सहारे उनकी एक दुकान का ताला तोड़कर अपने करीबी शोएब खान को भी कब्जा करा दिया।