जिस कारण पुलिस बैंक खातों की पड़ताल नहीं कर सकी। पुलिस का मानना है कि चारों आरोपियों के बैंक खातों को खंगालने और उनसे पूछताछ करने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इससे फंडिंग करने वालों की पहचान भी उजागर हो सकती है। पहली रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में हयात ने पुलिस के सामने कुछ नए खुलासे किए हैं। इस संबंध में भी पुलिस फिर से विस्तृत पूछताछ करना चाहती है। इन्हीं तर्कों के साथ पुलिस रिमांड के लिए दोबारा कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।
हयात समेत परिजनों के चार खातों का ब्योरा बैंकों ने सौंपा
बवाल के साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी व उसके परिवार वालों के बैंक खातों का ब्योरा एसआईटी को मिल गया है। बैंकों ने पूरा विवरण सौंपा है। अब तक इनके चार बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है। एसआईटी अब इस विवरण का खंगालेगी, जिससे कई राज खुलेंगे। पता चलेगा कि रकम कहां से आई और कहां को भेजी गई।
बवाल के बाद से सबसे अधिक छानबीन फंडिंग को लेकर चल रही है। ईडी ने भी पूरा ब्योरा मांगा है। सूत्रों के मुताबिक हयात, उसकी पत्नी व उसकी बहन के चार बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है। अब एसआईटी इसका विश्लेषण करेगी। जानकारी के मुताबिक समय समय पर लाखों की रकम इन खातों में आई है। इस तरह की रकम कब से खातों में आ रही थी। कौन कौन एक मुश्त रकम भेजता था और हाशमी उस रकम को कहां कहां भेजता था। आदि बिंदुओं की पड़तला जारी है।
ठेकेदार भी रडार पर
जांच के दौरान एक ठेकेदार भी रडार पर आया है। तीन साल पहले ब्रह्मनगर इलाके में एक बिल्डिंग का निर्माण हयात ने कराया था। जिसमें ठेकेदार भी हिस्सेदार रहा है। फ्लैट बनाकर बेचे गए थे। इसलिए ठेकेदार भी जांच की जद में आ गया है। पुलिस उसकी कुंडली खंगाल रही है।