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Kanpur Violence: रोमा ग्राफिक प्रिंटिंग से छपवाए थे पर्चे-पोस्टर, मालिक गिरफ्तार, अन्य उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस

Tue, 07 Jun 2022 07:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

हयात जफर हाशमी और दूसरे साजिशकर्ताओं ने ब्रह्मनगर रोमा ग्राफिक प्रिंटिंग प्रेस से आंदोलन और बाजार बंदी के पोस्टर छपवाए थे। पोस्टर छापने से पहले पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। लिहाजा पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया है और हिरासत में ले लिया है। 
 
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ब्रह्मनगर स्थित रोमा ग्राफिक प्रिंटिंग प्रेस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर हिंसा मामले में हयात जफर हाशमी और उसके साथियों ने ब्रह्मनगर स्थित रोमा ग्राफिक प्रिंटिंग प्रेस से पोस्टर व पर्चे छपवाए थे। प्रेस मालिक ने नियम विरुद्घ पोस्टर-पर्चे छापे थे। लिहाजा पुलिस ने प्रेस मालिक को भी आरोपी बनाया है। उसको हिरासत में ले लिया है। मंगलवार को पुलिस उसकी गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेजेगी। 

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हयात जफर हाशमी के संगठन एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन की तरफ से तीन जून को बाजार बंदी का आह्वान किया गया था। बंदी को लेकर प्रमुख बाजारों व इलाकों में पोस्टर लगाने के साथ पर्चे बांटे गए थे। पुलिस ने इन पोस्टर व पर्चों को कब्जे में लिया था। जांच में पता चला कि रोमा ग्राफिक प्रिंटिंग प्रेस से ये छपवाए गए थे। 
डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रेस मालिक शंकर को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में पता चला कि हयात के करीबी व साजिश में शामिल सूफियान व जावेद ने प्रेस पहुंचकर पोस्टर छापने का ठेका दिया था। 

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डीसीपी का कहना है कि इस तरह के आंदोलन व बाजार बंदी के पोस्टर आदि छापने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना देनी चाहिए। क्योंकि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मसला है। इसलिए शंकर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 

दबिश जारी, विरोध के बीच पकड़े गए आरोपी 
वारदात के बाद से पुलिस उपद्रवियों व साजिशकर्ताओं की धरपकड़ में जुटी है। गम्मू खां के हाते में सोमवार दोपहर को भी दबिश दी लेकिन शातिर अपराधी अफजाल व उसके साथी हत्थे नहीं चढ़े। 
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वहीं, कंघी मोहाल में नाजिम की ढाल के पास आरोपी कंची को पकड़ने जब पुलिस पहुंची तो भीड़ ने नारेबाजी कर विरोध किया। लेकिन पुलिस उसे हिरासत में लेकर चली गई। हालांकि कंची के चाचा को भीड़ ने छुड़ा लिया। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। इसी तरह से कई अन्य जगहों पर दबिश के दौरान पुलिस को विरोध झेलना पड़ा।
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