Kanpur Vineet Minocha Murder Case: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के 17वें दिन पुलिस को आरोपी बहू शालू की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मिल गई है। पुलिस शालू, उसके पति सुब्रत और नौकर विशाल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। साथ ही, फ्लैट की गायब डुप्लीकेट चाबी बरामद करने के लिए मॉल में शॉपिंग से लेकर चाबी बनवाने तक का पूरा सीन री-क्रिएट कराएगी।
कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के 17वें दिन आरोपी बहू शालू की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पुलिस को मिल गई है। पुलिस बुधवार दोपहर 12 बजे शालू को जेल से लेकर निकलेगी और गुरुवार दोपहर 12 बजे तक उससे अलग-अलग जगहों पर पूछताछ करेगी। इस दौरान दोनों आरोपी नौकर विशाल व उसका साथी राजकिशोर भी रहेगा। पुलिस शालू के पति सुब्रत को भी बुलाएगी।
शालू, विशाल और सुब्रत को लेकर फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद करने के लिए सीन री-क्रिएट भी कराया जाएगा। इसके लिए तीनों फिर से एक साथ परेड स्थित मॉल में शॉपिंग करेंगे और उसके बाद किसी दुकान से चाबी बनवाने जाएंगे। पुलिस तीनों से 10-10 सवाल भी करेगी। बता दें कि कारोबारी की हत्या पांच सितंबर की रात उनके इंद्रानगर स्थित फ्लैट में हुई थी। हत्या के आरोप में शालू, विशाल और राजकिशोर को जेल भेजा गया था।
अब फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी नहीं मिली है
पुलिस को अभी तक हत्या के लिए प्रयुक्त हुई फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी नहीं मिली है। इसके अलावा वारदात में विनीत के बेटे सुब्रत की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है। इसके लिए पुलिस ने कस्टडी रिमांड मांगी है। पुलिस ने बताया कि शालू बार-बार बयान बदल रही है। पहले बताया था कि चाबी गुमटी से बनवाई थी फिर परेड से बनवाने की बात कही थी। चाबी के अलावा रिमांड से यह भी पता किया जाएगा क्या वारदात में किसी चौथे व्यक्ति की भी भूमिका है। शालू से सुब्रत के देहरादून में रहने वाले कनेडियन मित्र के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।
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दवा कारोबारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
रिश्तों में दरार पर पुलिस करेगी कई सवाल
पुलिस ने बताया कि जांच में पता लगा है कि सुब्रत के अपने पिता से भी संबंध अच्छे नहीं थे। घर के अलावा कई बार ऑफिस में भी पिता-पुत्र के बीच कहासुनी हो चुकी है। वारदात से कुछ दिन पहले भी दोनों के बीच बिरहाना रोड स्थित ऑफिस में ही जमकर कहासुनी हुई थी। इसके अलावा विनीत के ऑफिस से दवाओं के चोरी भी हुई थी, जिसमें विशाल का नाम आया था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि हाल ही में सुब्रत दवा एसो. के अवार्ड समारोह में गोवा गया था लेकिन वहां से गायब हो गया था। इसके अलावा सास, बहू और बेटे के बीच संबंध अच्छे न होने की जानकारी है। इतना ही नहीं कुछ समय पूर्व जब शालू लखनऊ स्थित मायके चली गई थी तब गुस्साए सुब्रत ने अपनी कार किसी डिवाइडर से टकरा दी थी। इन सब सवालों के जवाब भी रिमांड के दौरान लेने का प्रयास किया जाएगा।
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दवा कारोबारी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुनीता की परिवार से दूरी और देनदारी पर भी नजर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कानपुर में दो-दो प्लैट होने के बाद भी विनीत की पत्नी पुनीता साधारण सी नौकरी के लिए लखनऊ में रहती थीं। वह कभी कदार ही कल्याणपुर आया करती थीं। पुनीता की परिवार से इस दूरी का पता करने के लिए सवाल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा सुब्रत के ऊपर काफी कर्ज की भी जानकारी मिली है। इसके बारे में भी सुब्रत और शालू दोनों से पूछताछ की जाएगी।
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सुब्रत बोला-पहले एक बार शालू का सामना तो होने दें
हत्या के 17वे दिन मंगलवार को सुब्रत ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह पुलिस और मीडिया के सभी सवालों का जवाब देगा लेकिन उससे पहले वह खुद शालू का सामना करना चाहता है। उसे खुद ही नहीं समझ में आ रहा कि आखिर एकदम से यह सब कैसे और क्यों हो गया। उसकी परेशानी का असर उसके परिवार और व्यापार दोनों पर पड़ रहा है। बता दें कि शालू के जेल जाने के बाद ही सुब्रत भी सवालों के घेरे में है।
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कस्टडी रिमांड की मदद से डुप्लीकेट चाबी बरामद की जाएगी। इसके अलावा वारदात में संदिग्ध लोगों की भूमिका भी स्पष्ट करने का पूरा प्रयास रहेगा, ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर
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पीसीआर को बताया व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन
पुलिस कस्टडी रिमांड पर शालू के अधिवक्ता ने तर्क रखा था कि उससे जेल में पूछताछ की जा चुकी है। सिर्फ सहअभियुक्त विशाल के बयान के आधार पर पुलिस शालू की कस्टडी रिमांड मांग रही है जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। हालांकि इस तर्क को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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पार्क में फेंकी गई डुप्लीकेट चाबी होगी बरामद
विशाल गौतम ने बयान में कहा है कि शालू ने उसे फ्लैट की चाबी परेड चौराहे पर दी थी। उसी से उसने डुप्लीकेट चाबी बनवाई और ताला खोला। हत्या के बाद चाबी रतन आर्बिट स्थित पार्क में ही फेंक दी थी। घटना से पहले शालू ने उसे कुछ सामान और एक काले रंग का गमछा दिया था। पुलिस के मुताबिक शालू ने घर पर चलकर चाबी दिखाने और परेड चौराहे का वह स्थान दिखाने को कहा है जहां उसने चाबी विशाल को दी थी।
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गमछा बरामद कराएगा राजकिशोर
राजकिशोर ने बयान में कहा है कि घटना के बाद वह सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास स्थित सुलभ शौचालय में जाकर नहाया था और उसके बाद पहने हुए कपड़ों को सुलभ के पीछे फेंक दिया था। जिसे वह चलकर बरामद करा सकता है। उसने कहा है कि काला गमछा उसे विशाल ने पहचान छिपाने के लिए दिया था। वह गमछा भी सुलभ के पीछे फेंक दिया था।
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विवेचक के लिए रिमांड में लगीं यह शर्तें
जेल से पुलिस अभिरक्षा में लेने से पहले और जेल दाखिल से पहले अभियुक्तों का मेडिकल परीक्षण होगा।
पुलिस अभिरक्षा में लेने से जेल दाखिले तक पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी होगी।
अभियुक्तों के साथ कोई बल प्रयोग व उत्पीडऩात्मक कार्रवाई नही की जाएगी।
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शालू कोर्ट में नहीं दे सकेगी कलमबंद बयान
शालू के अधिवक्ता का कहना था कि विवेचक विशाल और शालू के बयान के आधार पर शालू का पुलिस कस्टडी रिमांड मांग रहे हैं जबकि शालू का जो बयान विवेचक बता रहे हैं ऐसा कोई बयान उसने नहीं दिया। वह मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराना चाहती है। अभियोजन अधिकारी ने विरोध करते हुए कहा कि इस तरह का कोई कानूनी अधिकार शालू के पास नहीं है। यह प्रार्थना पत्र सिर्फ विवेचना में देर करने और रिमांड प्रभावित करने के लिए दिया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रभारी सीजेएम अतुल कुमार नायक ने माना कि विवेचना के दौरान केस डायरी में दर्ज किया गया बयान ही मान्य होता है। अभियुक्त को मुकदमे की सुनवाई के समय अपना बयान कोर्ट में देने का अधिकार है और शालू की अर्जी खारिज कर दी।
शालू की केस डायरी दिखाने की अर्जी भी खारिज
शालू के अधिवक्ता ने एक और अर्जी कोर्ट में दाखिल करते हुए कहा था कि विवेचक शालू के जिस बयान के आधार पर उसका पुलिस कस्टडी रिमांड मांग रहे हैं वह झूठा है इसलिए शालू के अधिवक्ता को केस डायरी देखने की अनुमति दी जाए। अभियोजन अधिकारी ने विरोध करते हुए तर्क रखा कि शालू के अधिवक्ता को ऐसा कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि विवेचना के बाद कोर्ट द्वारा उसे स्वीकार करने के बाद ही केस डायरी अभियुक्त को दी जा सकती है और इसी आधार पर शालू की यह अर्जी भी खारिज कर दी।