भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सवालों की सूची दी, जिसके लिखित जवाब लिए। अधिकतर सवालों के जवाब वह सही नहीं दे सका। एक तरह से वह आरोपों को नकारता रहा। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस इन सभी आरोपियों के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी।
वसूली का बड़ा रैकेट चल रहा था
विजिलेंस के इंस्पेक्टर ने पहले मामले की प्रारंभिक जांच की थी, जिसमें तथ्यों के आधार पर खुलासा हुआ था कि महोबा में खनन माफिया, क्रशर कारोबारियों व ट्रांसपोर्टरों से वसूली का बड़ा खेल चल रहा था। लखनऊ के एक ट्रांसपोर्टर से भी दो लाख रुपये वसूले गए थे। उसने भी शिकायत की थी। उस पर भी केस दर्ज हुआ था। जो वसूली नहीं देते थे, उन ट्रांसपोर्टरों के ट्रक सीज किए जाते थे। एसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी इसमें शामिल थे।
यह थी पूरी घटना
महोबा के कबरई निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को 8 सितंबर 2020 को संदिग्ध हालात में गोली लगी थी। 13 सितंबर को कानपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि सात सितंबर को इंद्रकांत ने एक वीडियो बनाकर वायरल किया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाया था। यह भी कहा था कि एसपी पांच लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। न देने पर धमकी मिल रही है। अगर कुछ भी होगा तो उसके जिम्मेदार एसपी होंगे। इसी आधार पर एसपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। बाद में भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था।