छह हजार मानव दिवस का रोजगार होता था सृजित
सामान्य वर्षों में अप्रैल से जून के बीच चकरोड, नाली, खड़ंजा, तालाब और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों से करीब पांच से छह हजार मानव दिवस का रोजगार सृजित होता था, लेकिन इस वर्ष स्थिति पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच स्वीकृत 10,712 कार्य अभी भी अधूरे हैं। इनमें वर्ष 2023-24 के 8,192, वर्ष 2024-25 के 1,043, वर्ष 2025-26 के 1,240 और चालू वित्तीय वर्ष के 237 कार्य शामिल हैं।
अधूरे कार्यों की संख्या करीब 12,500 थी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले अधूरे कार्यों की संख्या करीब 12,500 थी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले शासन के निर्देश पर दो महीनों में 1,788 कार्यों को हटा दिया गया, लेकिन शेष कार्य अब भी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल से हटाने का विकल्प नहीं है। ऐसे में विभाग को इन्हें पूरा कराना ही पड़ेगा जिससे नई कार्य योजनाएं शुरू करने में देरी हो रही है।
4.50 करोड़ का भुगतान भी अटका
पुराने कार्यों के भुगतान ने भी विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। जिले में करीब 4.50 करोड़ रुपये के पक्के निर्माण कार्यों का भुगतान लंबित है। शासन ने इसमें से लगभग तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं लेकिन तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने तक भुगतान अटका हुआ है। इसी कारण नई ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को भी मंजूरी नहीं मिल पा रही है।
गांवों में रुका विकास, मजदूर हुए गायब
466 ग्राम पंचायतों में नए कार्य शुरू न होने से ग्रामीण विकास की रफ्तार थम गई है। पंचायत प्रतिनिधि लगातार नए प्रस्तावों की मंजूरी मांग रहे हैं। लेकिन शासन स्तर से प्रशासकों के लिए नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल रही है। इस कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। रोजगार नहीं मिलने से बड़ी संख्या में मजदूर शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। कल्याणपुर ब्लॉक में कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है और कोई मजदूर कार्यरत नहीं है।
125 दिन रोजगार देने का प्रावधान होगा
हालांकि विभाग को उम्मीद है कि एक जुलाई से लागू होने वाली वीबीजी-रामजी योजना के साथ स्थिति बदलेगी। नई योजना में मजदूरों को 100 दिनों की बजाय 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान होगा तथा आजीविका आधारित गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। बीडीओ और एपीओ को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिले में पुराने कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जो धनराशि प्राप्त हुई है उसका भुगतान कराया जा रहा है। एक जुलाई से वीबीजी-रामजी योजना लागू होने के बाद नई कार्ययोजना के तहत विकास कार्य शुरू होंगे और अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। -चंद्रभान कनौजिया, उपायुक्त मनरेगा