परिजनों और अस्पताल संचालकों के बीच हुई झड़प
रविवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर परिजनों और अस्पताल संचालकों के बीच झड़प हुई और बाद में बाहर पथराव हुआ था। इसमें प्रांशु के मौसा सेवानिवृत्त दरोगा बलवान सिंह, उनके बेटे और दो चचेरे भाइयों समेत करीब पांच लोग घायल हो गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल पर्याप्त डॉक्टरों के बिना चल रहा था और लापरवाही से मरीज की जान गई। वहीं अस्पताल संचालक का कहना है कि न्यूरो सर्जन को बुलाया गया था और मरीज के तीमारदारों ने ही मारपीट व पथराव किया।
अस्पताल संचालक समेत 40 पर प्राथमिकी
रुद्र अस्पताल में भर्ती मरीज प्रांशु यादव उर्फ अंकित की रविवार रात मौत के बाद मारपीट, हंगामे और पथराव को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। कानपुर देहात, शिवली के हरिकिशनपुर निवासी धर्मेंद्र ने अस्पताल संचालक नवनीत यादव, विपिन यादव, अतुल, अंशुल तिवारी, राजन दिवाकर, 30-35 अज्ञात समेत कुल 40 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।