काकादेव थानाक्षेत्र में आर्थिक तंगी से ऊबकर बेरोजगार व्यक्ति ने मंगलवार फंदे से लटककर जान दे दी। आत्महत्या से पहले उसने बिजली के तार से अपने पैर बांधे। फिर गले में फंदा डाल लिया। बेटा जब पिता के पास पहुंचा और दरवाजा नहीं खुला तो शंका हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने टीन शेड हटवाया तो शव पंखे से लटकता मिला।
इंद्रानगर मलिन बस्ती निवासी बाबू प्रसाद पहले प्राइवेट नौकरी करके घर का खर्च चलाते थे। कई माह पहले नौकरी छूट गई और उसके बाद कोई काम नहीं मिल रहा था। परिवार में पत्नी प्रीति देवी, बेटी पूजा, अलीशा और एक बेटा रवि है। बेटा भी प्राइवेट काम करता है। बेरोजगारी के चलते परिवार की माली हालत काफी खराब हो गई थी। बेटियों की शिक्षा और घर खर्च की चिंता के चलते अक्सर परेशान रहते थे।
बेटे रवि के अनुसार पिता शाम को करीब छह बजे घर लौटे और नहाने चले गए। फिर पूजा करने की बात कहकर ऊपर कमरे में चले गए। काफी देर तक जब वह नीचे नहीं उतरे तो सभी ने सोचा की पूजा करने के बाद सो गए होंगे। रात करीब नौ बजे काम से लौटने के बाद वह मां के कहने पर खाना खाने के लिए पिता को जगाने गए तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने छत की टीन हटाकर कमरे में झांका। सामने फंदे पर पिता का शव लटक रहा था। दोनों पैर घुटने के पास से तार से बंधे थे। बगल में ही कुर्सी भी रखी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। काकादेव इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।