कानपुर शहर की उभरती कराटे खिलाड़ी दृष्टि सिंह ने अपने साहस और मेहनत के बल पर खेल जगत में खास पहचान बनाई है। दृष्टि ने मिशन शक्ति अभियान के तहत छोटे बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर समाज में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दृष्टि की खास बात यह है कि उन्होंने कई बार प्रतियोगिताओं के दौरान चोट लगने के बावजूद हार नहीं मानी और मैदान में डटी रहीं।
जरौली फेज-दो निवासी प्रमोद कुमार और अनुपमा शंखवार की बेटी दृष्टि सिंह ने सात वर्ष की आयु से अभ्यास शुरु कर दिया था। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की यूथ प्रीमियर लीग में दृष्टि ने पहली बार भाग लेते हुए रजत मेडल जीतकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया। 29 मार्च को एएनडी कॉलेज में हुई जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।