डी-टू गैंग के सदस्यों का खात्मा करने में तत्कालीन एसओजी प्रभारी ऋषिकांत शुक्ला का सहयोग करने वाले कुली बाजार के अयाज उर्फ टायसन को शुक्रवार देर शाम बिधनू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुए। पुलिस को उसके किसी की हत्या की प्लानिंग करने की सूचना मिली थी। टायसन को शनिवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। हालांकि, वह हाल ही में अखिलेश दुबे की शिकायत करने वाले प्रॉपर्टी डीलर प्रवीण कुमार उर्फ मनोहर शुक्ला को धमकाने के मामले में फिर से चर्चा में आया था।
वर्ष 1985 से 2005 तक शहर में डी-टू गैंग के सदस्य सुपारी लेकर हत्या, रंगदारी, मारपीट, बलवा, वसूली, धमकी देने समेत कई वारदातों में शामिल रहे। सरगना अतीक ने पांच भाइयों, शफीक, रफीक, इकबाल, अफजाल, बिल्लू के दम पर गैंग खड़ा किया था। पूर्व में इसी गैंग का सदस्य रहा कुलीबाजार निवासी अयाज उर्फ टायसन भी क्षेत्र में अपना दबदबा बना रहा था। बाद में वह गैंग से अलग होकर उससे एंटी काम करने लगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार डी-टू गैंग के सफाए में उसने अखिलेश दुबे के करीबी शहर में तत्कालीन एसओजी प्रभारी रहे ऋषिकांत शुक्ला के लिए मुखबिरी की थी। पुलिस में अच्छी पहचान के चलते उसने खुद अपराध की दुनिया में दबदबा बनाना शुरू कर दिया। टायसन के खिलाफ किदवईनगर, अनवरगंज, चकेरी, कोतवाली में गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट में मामले दर्ज किए गए। जून 2020 में बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में पप्पू स्मार्ट और उसके साथ टाइसन को भी जेल भेजा गया था।