वैभव अवस्थी व सिद्धार्थ सिंह की फाइल फोटो
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फिरोजाबाद के सिरसागंज थानाक्षेत्र के हाईवे पर हादसे में दोनों दोस्तों की माैत के बाद शव मंगलवार की शाम घर पहुंचे तो चीत्कार मच गई। फ्लिपकार्ट के मैनेजर का सिद्धनाथ घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया जबकि दूसरे का मां के आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
चकेरी के शिवकटरा मलिक की बगिया निवासी अवधेश कुमार अवस्थी रिटायर्ड सेना कर्मी है। उनके परिवार में पत्नी सुनीता और दो बेटे गौरव व वैभव अवस्थी (26) थे। परिजनों ने बताया कि बड़ा बेटा गौरव गुवाहाटी से पीएचडी कर रहा है जबकि छोटा बेटा वैभव होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद फ्लिपकार्ट में कानपुर का मैनेजर था। वैभव का जिगरी दोस्त सनिगवां के केआर पुरम निवासी सिद्धार्थ सिंह (26) केआईटी से बीटेक करने के साथ फ्लिपकार्ट में टीएल के पद पर कानपुर में जॉब कर रहा था। सिद्धार्थ के पिता अशोक कुमार प्राइवेट कर्मी है। सिद्धार्थ की मां श्याम गृहिणी हैं और छोटी बहन गौरी लखनऊ में वकालत की पढ़ाई कर रही है। वैभव के पिता अवधेश ने बताया कि सोमवार की शाम को बेटे से फोन पर बात हुई थी वह लोग इटावा पहुंचे थे। सिरसागंज पुलिस ने सोमवार की देर रात को उन्हें बेटे और उसके दोस्त के साथ हुए हादसे की जानकारी दी।
वैभव अवस्थी के घर के बाहर बैठे बदहवास परिजन
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माउंट आबू से आने के बाद होगा सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार
सिद्धार्थ की मां श्याम 26 दिसंबर को माउंट आबू गई थी। उनको 20 जनवरी को वापस आना था। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही चल दी हैं। बुधवार को उनके आने के बाद सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दोनों को बाइक के बहाने से मौत खींच ले गई
वैभव के पिता अवधेश अवस्थी ने बताया कि दोनों जिगरी दोस्त थे और एक ही कंपनी में कार्यरत थे। बेटा हर बार बस या ट्रेन से बाहर के लिए सफर करता था। इस बाद उसने बाइक से चलने का निर्णय लिया। दोनों पहली बार बाइक से ही इतनी दूर गए और हादसा हो गया।
तीन जिगरी दोस्त, तीसरे को जाना था साथ में...
वैभव अवस्थी, सिद्धार्थ सिंह और अभय अवस्थी तीनों जिगरी दोस्त थे। तीनों एक ही कंपनी फ्लिपकार्ट में नौकरी करते थे। परिजनों ने बताया कि अभय अवस्थी को भी साथ में आगरा नए स्टोर खोलने के लिए जाना था लेकिन वह अपनी बड़ी बहन कशिश को फर्रुखाबाद में मकर संक्रांति का त्योहार देने के लिए चला गया।
सनिगवां स्थित मृतक सिद्धार्थ सिंह के घर के बाहर जुटी लोगों की भीड़
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वैभव डेढ़ साल में ही बना मैनेजर
वैभव ने इंटर पास करने के बाद बीकॉम किया फिर ट्रिपल सीसी करने के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। उसको नौकरी करते डेढ़ साल हुए थे। अच्छे काम को देखते हुए कंपनी ने उसे कानपुर का मैनेजर बना दिया था।
वैभव की थी बाइक और वही चला रहा था
वैभव के पिता अवधेश ने बताया कि उन्होंने अपने नाम से वैभव को नई गाड़ी दिलाई थी। जिसको वैभव खुद ही चला रहा था, जबकि सिद्धार्थ पीछे बैठा हुआ था।
परिजनों का हाल और पुलिस की कार्रवाई
सिद्धार्थ फ्लिपकार्ट के लखनऊ मुख्यालय में तैनात थे, जबकि वैभव कानपुर रीजन के प्रभारी थे। वैभव के पिता ने बताया कि वैभव दो भाइयों में छोटा था और उसने दो साल पहले ही कंपनी जाॅइन की थी। हादसे में जली हुई बाइक वैभव की ही थी। वहीं, सिद्धार्थ के पिता ने बताया कि वह उनका इकलौता बेटा था और परिवार में उसकी एक छोटी बहन है। सिद्धार्थ पिछले एक साल से कंपनी में कार्यरत था।