नियमित गिनती की गई, तो गायब होने का पता चला
घटना रात करीब नौ बजे की है। दोनों किशोरियां अपने कमरे से निकलकर पीछे आंगन में पहुंचीं। वहीं रखे स्टैंड के पास छिपकर बैठ गईं। कपड़े सुखाने वाले स्टैंड का सहारा लेकर खिड़की से छज्जे पर चढ़कर छत पर पहुंचीं। छत से पीछे की ओर कूदकर फरार हो गईं। इस दौरान वहां मौजूद होमगार्ड और तीन महिला कर्मियों को कुछ भी पता नहीं चला। रात 10 बजे जब नियमित गिनती की गई, तो तब उनके गायब होने का पता चला। अधिकारी मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब-तलब
फुटेज से किशोरियों के भागने के तरीके का पता चला। फुटेज में कर्मचारी ड्यूटी के दौरान आराम करते नजर आए। जांच में पता चला कि घटना के समय संवासिनी गृह की अधीक्षक कल्पना ड्यूटी पर नहीं थीं। वह अपने घर पर थीं। रात की जिम्मेदारी चतुर्थ श्रेणी कर्मी और संविदा कर्मचारियों पर छोड़ गई थीं। जिलाधिकारी ने चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मी रत्ना के निलंबन की संस्तुति की, जबकि संविदा कर्मी वंदना और हेमलता की सेवा समाप्ति के लिए निदेशालय को पत्र भेजा है। अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। जांच के बाद उन पर कार्रवाई तय है।
अभी किशोरियों का कुछ पता नहीं चला है। तलाश की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। तीन होमगार्डों पर भी कार्रवाई होगी। -विकास सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी