अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलने और दुकान विशेष से पाठ्य पुस्तकें खरीदवाने के मामले में बुधवार को दो स्कूलों पर कार्रवाई हुई। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने सुघर सिंह एकेडमी कोयलानगर और द चिंटल्स स्कूल रतनलालनगर पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई शुल्क नियामक समिति की ओर से उप्र स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम के तहत की गई है। एक सप्ताह में दोनों स्कूलों को जुर्माना राशि डीआईओएस के पदनाम से संचालित बैंक खाते में जमा करने और सुघर सिंह एकेडमी को अतिरिक्त फीस वापस करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षण सत्र की शुरूआत के दौरान कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों की ओर से मनमानी फीस वसूलने और निर्धारित दुकानों से महंगी कॉपी-किताबें, यूनिफार्म खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतें की थीं। इस पर अमर उजाला ने प्रमुखता से अभियान चलाया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने निष्क्रीय पड़ी जनपदीय शुल्क नियामक समिति को दोबारा से गठित किया था। इसके बाद डीएम की अध्यक्षता में कई बैठकें हुई थीं। शिकायतों के क्रम में 24 मई को विद्यालयों ने नोटिस का जवाब दिया था।
इस दौरान जांच में पाया गया कि सुघर सिंह एकेडमी कोयलानगर के प्रबंधन ने उप्र स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 का उल्लंघन किया है। इस पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने के साथ अध्ययनरत छात्रों से अधिक लिए गए शुल्क को वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, द चिंटल्स स्कूल रतनलालनगर प्रबंधन की ओर से छात्रों को फेयर डील बुक स्टाल से किताबें खरीदवाने की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर एडीआईओएस प्रशांत कुमार द्विवेदी ने जांच की थी। रिपोर्ट आने के बाद यहां छात्रों से अधिक लिए गए शुल्क को वापस करने, पुस्तकें, जूते, मोजे व यूनीफार्म आदि एक दुकान से क्रय कराने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।