कानपुर कमिश्नरेट की फजलगंज थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चरस तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 15.320 किलोग्राम उच्च क्वालिटी की चरस बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपी एक ऑल्टो कार में सवार होकर इस अवैध खेप को ठिकाने लगाने जा रहे थे।
इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में चल रही थी तस्करी
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान आस्मित गौतम (26) निवासी कानपुर और आयुष तिवारी (25) के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से आस्मित गौतम इंटर पास है, जबकि आयुष तिवारी बीकॉम पास है। ये दोनों पेशेवर अपराधियों की तरह दिखने के बजाय इवेंट मैनेजमेंट का काम करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इसी आड़ में वे लंबे समय से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
नेपाल से लाकर कई राज्यों में करते थे सप्लाई
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पड़ोसी देश नेपाल से चरस की खेप लाते थे। इसके बाद इसे कानपुर और उसके आसपास के जिलों के अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक के राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था। तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए शातिर तरीके से रास्तों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते इस बार वे धरे गए।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
फजलगंज पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इस अंतरराज्यीय तस्करी सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके स्थानीय व विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेपाल से यह खेप कानपुर तक किसके जरिए पहुंचती थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।