फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: 15 करोड़ की चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार: इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में नेपाल से चल रहा था सिंडिकेट

Mon, 17 Aug 2026 04:08 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,फर्रुखाबाद

सार

Kanpur News: फजलगंज पुलिस ने अंतरराज्यीय चरस तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 15.320 किलोग्राम चरस बरामद की है।
विज्ञापन
5.32 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर कमिश्नरेट की फजलगंज थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चरस तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 15.320 किलोग्राम उच्च क्वालिटी की चरस बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपी एक ऑल्टो कार में सवार होकर इस अवैध खेप को ठिकाने लगाने जा रहे थे।

विज्ञापन
Trending Videos

इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में चल रही थी तस्करी

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान आस्मित गौतम (26) निवासी कानपुर और आयुष तिवारी (25) के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से आस्मित गौतम इंटर पास है, जबकि आयुष तिवारी बीकॉम पास है। ये दोनों पेशेवर अपराधियों की तरह दिखने के बजाय इवेंट मैनेजमेंट का काम करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इसी आड़ में वे लंबे समय से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।

5.32 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

नेपाल से लाकर कई राज्यों में करते थे सप्लाई

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पड़ोसी देश नेपाल से चरस की खेप लाते थे। इसके बाद इसे कानपुर और उसके आसपास के जिलों के अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक के राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था। तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए शातिर तरीके से रास्तों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते इस बार वे धरे गए।

विज्ञापन

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

फजलगंज पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इस अंतरराज्यीय तस्करी सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके स्थानीय व विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेपाल से यह खेप कानपुर तक किसके जरिए पहुंचती थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें