रैगिंग के मामले में दोषी मिले चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि (सीएसए) के दो छात्रों को एक सेमेस्टर के साथ छह माह के लिए हाॅस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद बुधवार को बीएससी-फॉरेस्ट्री द्वितीय वर्ष के छात्र निखिल सिंह और बीएससी-एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के छात्र नीलेश सिंह पर यह कार्रवाई की गई है। विवि प्रशासन से सहयोग न मिलने पर पीड़ित छात्रों ने यूजीसी में शिकायत की थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
सीएसए में रैगिंग और गालीगलौज के मामले में संस्थान ने कड़ी कार्रवाई की है। विवि के कर्पूरी ठाकुर हॉस्टल में रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्र पांच नवंबर को भोजन के लिए तिलक हॉस्टल जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में मिले सीनियर छात्रों से कहासुनी हो गई। छात्रों का कहना है कि उनके साथ रैगिंग का प्रयास किया गया। हालांकि सूचना मिलते ही डीएसडब्ल्यू प्रो. मुनीश कुमार ने मामला शांत कराया। वहीं प्रथम वर्ष के एक छात्र की शिकायत पर विवि प्रशासन ने जांच समिति बनाई। जूनियर छात्रों को ले जाकर शिनाख्त परेड भी करवाई लेकिन छात्र पहचान नहीं सके। डीएसडब्ल्यू प्रो. मुनीश कुमार ने बताया कि रैगिंग जैसी बात सामने नहीं आई है। मुंहाचाही हुई है जिस पर दोनों छात्रों को एक सेमेस्टर और हॉस्टल से छह माह के लिए निष्कासित किया गया है।