तीसरी बार जारी किए हैं टेंडर
इसके बाद डेडलाइन बढ़ाकर जनवरी और बाद में जून 2025 की गई। इसके बावजूद कार्य अधूरा है। हालत यह है कि पुल के सभी पिलर, स्लैब बन गए हैं। जयपुरिया स्कूल की तरफ रिटेनिंग वॉल बनाकर रैंप में मिट्टी भरने के बाद गिट्टी बिछाकर रोलर चलाया जा रहा है, जबकि पनचक्की चौराहे की तरफ रैंप बनना तो दूर रिटेनिंग वॉल भी नहीं बन पाई है। उधर, छावनी परिषद का कहना है कि पुल की परिधि में आ रहे पेड़ काटने के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किए हैं। ठेकेदार तय होते ही पेड़ कटवाए जाएंगे।
निर्माणधीन जयपुरिया क्रासिंग पुल का कैंट की ओर का छोर
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जयपुरिया क्रॉसिंग पुल के सभी पिलर, स्लैब बन गए हैं। एक तरफ का रैंप भी बन गया है, जबकि दूसरी तरफ के रैंप निर्माण में पेड़ आड़े आ रहे हैं। इन पेड़ों को कटाने के लिए छावनी परिषद से कई बार आग्रह किया जा चुका है, पर पेड़ नहीं कटे। पेड़ कटते ही पुल का निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। -विजय कुमार सेन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम