कानपुर के उद्यमियों और कारोबारियों ने अमेरिका, आस्ट्रेलिया के साथ ही अफ्रीकी देशों से रिश्ते मजबूत करते हुए निर्यात बढ़ाया है। इनमें केन्या और तंजानिया सबसे आगे हैं, जबकि नार्वे, बेल्जिमयम, इंडोनेशिया, मलयेशिया में निर्यात की और संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले साल के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष (10 महीने) में 563 करोड़ रुपये का अधिक निर्यात हुआ। यह खुलासा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ है। वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के बीच शहर से 8553 करोड़ का निर्यात किया गया, जबकि अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 तक 7990 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था।
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कानपुर से वर्ष 2023 से 2024 में कुल 8990 करोड़ का निर्यात हुआ था। वर्ष 2024 से 2025 की रिपोर्ट इसी महीने के अंत तक आएगी, जबकि अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक 8553 करोड़ का निर्यात हो चुका है। इससे निर्यात का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
कुछ देशों के साथ चल रहे युद्ध का असर अब कम होने लगा है। इससे कानपुर की सैडलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। फुट वियर, शू अपर, सेफ्टी शूज की मांग में इजाफा हुआ है। युद्धों के चलते अन्य देशों में निर्यात को बढ़ावा देने का भी असर बाजार पर है। निर्यातक यूएई में पैठ बढ़ाने की कवायद तेजी से कर रहे हैं। चमड़ा और चमड़ा उत्पाद, फुटवियर, आयरन, स्टील, सैडलरी, हारनेस, प्रसंस्कृत मीट फ्रोजन, भैंस की खाल, तैयार चमड़ा, पशु आवरण, फैब्रिक्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी, मोती, पत्थर, रेडीमेड गारमेंट, टेक्सटाइल, मुर्गी दाना, सिर के बालों का निर्यात किया गया है। इन सभी क्षेत्रों में निर्यात का सकारात्मक प्रभाव है।
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इन देशों में निर्यात बढ़ा
शहर से सबसे अधिक निर्यात अफ्रीकी देशों में हो रहा है। अमेरिका, यूएई, इटली के साथ भी तेजी आई है। अमेरिका में 27.31 प्रतिशत, यूएई में 33.65 प्रतिशत, इटली में 11.4 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया में 74.16 प्रतिशत, तंजानिया रिपब्लिक में 87.2 प्रतिशत, केन्या में 132.44 प्रतिशत, नीदरलैंड में 6.14 प्रतिशत, यूके में 6.43 प्रतिशत, चाइना रिपब्लिक में 3.24 प्रतिशत, सिंगापुर में 3.03 प्रतिशत, सऊदी अरब में 2.56 प्रतिशत की ग्रोथ रही। नार्वे, बेल्जिमयम, इंडोनेशिया, मलयेशिया, ओमान, फ्रांस, चिली, जापान, मैक्सिको, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका को निर्यात बढ़ा है।
इन देशों में घटा निर्यात
बांग्लादेश में 2.44 प्रतिशत, जर्मनी में 2.38 प्रतिशत निर्यात घटा है। तुर्किए, स्पेन, थाईलैंड, इजिप्ट, इस्राइल, नाइजीरिया, वियतनाम, कोरिया रिपब्लिक को होने वाले निर्यात में कमी आई है। जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और यूरोपीय देशों में पूर्व में रही मंदी और महंगाई के चलते जर्मनी और तुर्किये को होने वाला निर्यात घटा है। तुर्किये के साथ कारोबारी रिश्ते खत्म करने से निर्यात शून्य भी हो सकता है। यहां पर 500 से 600 करोड़ से ज्यादा का निर्यात होता था।
कानपुर का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। उम्मीद है कि पिछले साल का रिकाॅर्ड टूट जाएगा। अब सैडलरी का निर्यात बढ़ने लगा है। यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, यूएस में इसकी मांग बढ़ी है। यूएई में कारोबारी संभावनाएं तलाशी जा रही थीं। इसका असर देखने को मिल रहा है। यहां पर निर्यात बढ़ा है। कुछ देशों के साथ कारोबारी रिश्ते कम हुए हैं। - आलोक श्रीवास्तव, निदेशक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन फियो
अफ्रीकी देशों में निर्यात वृद्धि बढ़ना सकारात्मक संकेत हैं। ये बिल्कुल नए बाजार हैं और निर्यात की बहुत अच्छी संभावनाएं हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय लगातार निर्यात बढ़ाने में सहयोग कर रहा है। सरकार का फोकस भी निर्यात को लेकर तेजी से बढ़ा है। नए-नए बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए सब्सिडी और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। - यादवेंद्र सचान, चमड़ा उत्पाद निर्यातक