कानपुर में कारोबारियों, ट्रांसपोर्टर्स और पेशेवर व्यक्तियों को न्यूनतम आमदनी आयकर रिटर्नों में घोषित करनी होगी। ऐसा न करने पर बहीखातों, और अभिलेखों को न रखने की छूट खत्म हो जाएगी। इतना ही नही आयकर कानून के तहत बहीखातों का टैक्स ऑडिट कराना होगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आयकर रिटर्न दाखिल करने का समय 15 सितंबर है। ऑडिट रिपोर्ट 30 तक अपलोड करनी होगी। बहीखातों के अनिवार्य टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं को 31 अक्तूबर तक रिटर्न दाखिल करने होंगे।
मर्चेंट चैंबर आफ उप्र की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता और सीए शिवम ओमर ने बताया कि आयकर विभाग की ओर से पेशेवर व्यक्तियों, कारोबारी और ट्रांसपोर्टरों को आयकर रिटर्नों में निर्धारित न्यूनतम आमदनी घोषित करने पर बहीखातों और अभिलेखों को रखने से निजात दी गई है। पेशेवर व्यक्तियों में वकील, डाक्टर, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, इन्जीनियर्स, डेकोरेटर्स एवं अन्य तकनीकी पेशेवर व्यक्तियों को शामिल किया गया है। कारोबारियों को धारा 44एडी, पेशेवर व्यक्तियों को धारा-44 एडीए और ट्रांसपोर्टर को धारा-44एई के तहत न्यूनतम आमदनी घोषित करनी होती है।