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Kanpur: कारोबारियों व ट्रांसपोर्टरों को घोषित करनी होगी न्यूनतम आय, रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर

Tue, 05 Aug 2025 12:14 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कारोबारियों, पेशेवरों और ट्रांसपोर्टरों को अपनी आय का न्यूनतम अनुमानित लाभ घोषित करना होगा, वरना उन्हें बहीखाते रखने और टैक्स ऑडिट कराने की छूट नहीं मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है, जबकि ऑडिट वाले मामलों में यह समय सीमा 31 अक्तूबर तक है।
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संतोष कुमार गुप्ता - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में कारोबारियों, ट्रांसपोर्टर्स और पेशेवर व्यक्तियों को न्यूनतम आमदनी आयकर रिटर्नों में घोषित करनी होगी। ऐसा न करने पर बहीखातों, और अभिलेखों को न रखने की छूट खत्म हो जाएगी। इतना ही नही आयकर कानून के तहत बहीखातों का टैक्स ऑडिट कराना होगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आयकर रिटर्न दाखिल करने का समय 15 सितंबर है। ऑडिट रिपोर्ट 30 तक अपलोड करनी होगी। बहीखातों के अनिवार्य टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं को 31 अक्तूबर तक रिटर्न दाखिल करने होंगे।

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मर्चेंट चैंबर आफ उप्र की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता और सीए शिवम ओमर ने बताया कि आयकर विभाग की ओर से पेशेवर व्यक्तियों, कारोबारी और ट्रांसपोर्टरों को आयकर रिटर्नों में निर्धारित न्यूनतम आमदनी घोषित करने पर बहीखातों और अभिलेखों को रखने से निजात दी गई है। पेशेवर व्यक्तियों में वकील, डाक्टर, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, इन्जीनियर्स, डेकोरेटर्स एवं अन्य तकनीकी पेशेवर व्यक्तियों को शामिल किया गया है। कारोबारियों को धारा 44एडी, पेशेवर व्यक्तियों को धारा-44 एडीए और ट्रांसपोर्टर को धारा-44एई के तहत न्यूनतम आमदनी घोषित करनी होती है।

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आयकर के अनुमानित लाभ नियम
आयकर कानून की धारा 44 एडी के तहत कुल सकल विक्रयधन का कम से कम आठ फीसदी शुद्ध लाभ न्यूनतम अनुमानित आयकर घोषित करना होता है। धारा 44-एई के तहत 10 माल वाहन तक का व्यवसाय करने वाले ट्रांसपोर्टर को वित्तीय वर्ष 2024-25 अर्थात आयकर के कर निर्धारण वर्ष 2025-26 में न्यूनतम अनुमानित व्यावसायिक शुद्ध लाभ भारी माल वाहन के अलावा अन्य सभी हल्के वाहनों में 7500 प्रतिमाह प्रतिवाहन घोषित करने के नियम निर्धारित किए गए हैं। भारी माल वाहन जो कि 12 हजार किलो ग्राम की क्षमता से अधिक के हैं। ऐसे मामले में एक हजार प्रति टन वजन के अनुसार प्रति वाहन प्रति माह आमदनी घोषित करनी होगी। उदाहरण के तौर पर यदि भारी माल वाहन का वजन 14 टन है तब उस वाहन की मासिक आमदनी न्यूनतम 14 हजार प्रति वाहन घोषित करनी होगी।

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