PM Kisan 20th Installment Stopped: कानपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू होने के छह साल बाद योजना के लाभार्थियों में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शासन के निर्देश पर जिले में 2.35 लाख लाभार्थियों का भूमि सत्यापन कराया गया तो पता चला कि इसमें नौ हजार दंपती भी इसका लाभ ले रहे हैं। इस पर ऐसे लाभार्थियों को शनिवार को जारी हुई 20वीं किस्त से वंचित कर दिया गया है।
इस बार जिले के 2.26 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला है। अब विभाग इन दंपतियों की जांच करा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन 2019 में हुआ था। इसके तहत एक वर्ष में तीन किस्तों में छह हजार रुपये किसानों के खाते में भेजे जाते हैं। जिले में करीब 2.50 लाख से अधिक किसानों को योजना की पहली किस्त का लाभ दिया गया था।
करीब 40 हजार लाभार्थी अपात्र हैं
धीरे-धीरे योजना में कई फर्जी लाभार्थियों के शामिल होने की बात सामने आई तो उनका सत्यापन कराया गया। इसमें पता चला कि करीब 40 हजार लाभार्थी अपात्र हैं। इसमें कई दूसरे जिले के रहने वाले तो कई बिना भूमि वाले भी मिले। जांच के बाद इनको योजना से बाहर किया गया। इसके बाद 2024 में शासन ने 2.35 लाभार्थियों की खतौनी को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए थे।
विभाग ने सभी तहसीलों से सूची लेकर लाभार्थियों की जांच शुरू कराई
प्रशासन और भूमि विभाग की तरफ से गांव-गांव कैंप लगाकर भूमि सत्यापित की गई और योजना से लाभार्थी की भूमि को लिंक किया गया। इसमें पता चला कि नौ हजार ऐसे भी लाभार्थी हैं, जो पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे हैं, जो नियमानुसार गलत है। विभाग ने सभी तहसीलों से सूची लेकर ऐसे लाभार्थियों की जांच शुरू करा दी है।
किसी एक को योजना का लाभ देने का नियम
अब विभाग के कर्मचारी लाभार्थियों के घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। ऐसे लाभार्थियों से अब तक मिले लाभ की वसूली भी की जा सकती है। पति या पत्नी किसी एक को लाभ देने का नियमपीएम किसान सम्मान निधि योजना में पति या पत्नी दोनों में से किसी एक को योजना का लाभ देने का नियम है। एक परिवार में एक ही लाभार्थी योजना का लाभ ले सकता है। इसमें टैक्स पेयर्स, पेंशन धारक भी अपात्र की श्रेणी में शामिल हैं।
भूमि सत्यापन के दौरान इन लाभार्थियों के नाम सामने आए हैं। इसकी जांच कृषि विभाग के कर्मचारियों की टीम कर रही है। जांच में जो भी नाम शामिल आते हैं, उनको अपात्र कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम