1.46 करोड़ रुपये के लेनदेन में फैक्टरी मालिक के इशारे पर तीन कर्मचारी कार से पीवीसी पाइप के होलसेलर को बर्रा से अगवा कर शाहजहांपुर ले गए। पत्नी की शिकायत पर सतर्क हुई पुलिस ने सर्विलांस की मदद से होलसेलर को 12 घंटे के भीतर सकुशल ढूंढ निकाला।
फैक्टरी मालिक समेत छह कर्मचारियों के खिलाफ अपहरण की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। बर्रा तीन निवासी होलसेलर पवन तिवारी ने पुलिस को बताया कि बर्रा आठ में उनकी हार्डवेयर की दुकान है। शाहजहांपुर निवासी श्रीराम पॉलीमर्स फैक्टरी के मालिक जितेश गुप्ता को उन्हें 1.46 करोड़ रुपये देने हैं।
हाल में उन्होंने जितेश को 30 हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन नहीं दे सके थे। शुक्रवार शाम कारगिल पेट्रोल पंप के पास फोन पर बात कर रहे थे, तभी एक कार आकर रुकी। उसमें सवार तीन लोगों ने उन्हें जबरन कार में बैठा लिया और रास्ते में मारपीट करते हुए शाहजहांपुर ले गए। इधर परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो उनकी बाइक पेट्रोलपंप के पास मिली। अपहरण की आशंका जताकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से कार को ट्रेस किया। सर्विलांस टीम ने लोकेशन मिलने के बाद शनिवार तड़के शाहजहांपुर से ढूंढ लिया। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि रुपयों के लेनदेन का मामला है। पत्नी सीमा तिवारी की तहरीर पर जितेश गुप्ता, अनिल गुप्ता व पांच अज्ञात के खिलाफ अपहरण में रिपोर्ट दर्ज की है। फैक्टरी के मैनेजर अनिल गुप्ता, अरविंद और सुधीर को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर में मंत्री के कार्यालय में रखा गया
पवन तिवारी ने पुलिस को बताया है कि उसे शाहजहांपुर ले जाकर एक मंत्री के कार्यालय में रखा गया। यहां धमकी भी दी कि अपना मकान फैक्टरी मालिक के नाम लिख तो, जब उधारी चुका दो, मकान वापस तुम्हारे नाम कर देंगे। पवन के मुताबिक पुलिस ने उसे कार्यालय के पास से ही बरामद किया है।