रोगियों को गले का संक्रमण हो रहा है
रोगी के भाई दीपू ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा कि निमोनिया हो गया वेंटिलेटर की जरूरत है। हैलट ले जाओ, यहां पहुंचते ही मौत हो गई। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि रोगियों को गले का संक्रमण हो रहा है। सांस फूलने का लक्षण भी मिल रहे हैं। वायरल निमोनिया के रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है। पहले से किसी रोग से पीड़ितों को संक्रमण तेजी से पकड़ रहा है।
शिविर लगाकर मरीजों का इलाज किया
भीतरगांव बरुई अकबरपुर गांव में लगभग एक महीने से बुखार ने पांव पसार रखा है। पांच दिन के अंदर प्रधान की पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। करीब 250 लोग बुखार की चपेट में हैं। गांव में नालियां चोक होने से जलभराव और गंदगी है। ग्रामीणों के मुताबिक गंदगी के चलते बुखार का प्रकोप फैला है। बरूई-अकबरपुर गांव में एक माह से बुखार फैला है। इस बीच भीतरगांव सीएचसी के चिकित्साधीक्षक के नेतृत्व में दो बार शिविर लगाकर मरीजों का इलाज किया गया।
कोई नहीं आ रहा है भीतरगांव अस्पताल
इसके बाद भी बुखार के मरीज कम नहीं हुए। ग्रामीणों की मानें तो गांव में डेंगू के कई मरीज हैं, जिनका कानपुर के निजी अस्पतालों में इलाज हो रहा है। बुखार की चपेट में आकर गुरुवार को प्रियांशी साहू (5), रविवार को ग्राम प्रधान सतीश मिश्रा की पत्नी करुणा मिश्रा (54) और सोमवार को राम स्वरूप (60) की मौत हो गई। चिकित्साधीक्षक डाॅ. मनीष तिवारी ने बताया कि एंबुलेंस से मरीजों को भीतरगांव अस्पताल आने के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन कोई नहीं आ रहा है। गांव में फिर शिविर लगाकर इलाज किया जाएगा।
मंगलवार को भीतरगांव के प्रभावित इलाके में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भेजेंगे। रोगियों की जांचें कराई जाएंगी जिससे रोग का पता चले। डेंगू, टायफायड आदि की जांच कराई जाएगी। रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर दवा दी जाएगी। -डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमओ कानपुर नगर