डिवाइस को खेत में लगाने पर पानी-खाद की जरूरत पर किसानों के मोबाइल पर अलर्ट आ जाएगा। डिवाइस की मदद से 24 घंटे फसलों की निगरानी हो सकेगी। इस डिवाइस का प्रयोग सीतापुर, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के किसान कर रहे हैं। इससे किसानों ने सिंचाई और उर्वरक लागत करीब 40 प्रतिशत तक घटाई है। आईआईटी कानपुर से इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप एग्रोट्रेस की एआई आधारित इस डिवाइस का प्रयोग 100 किसानों के खेतों में किया जा रहा है।
सब्जी व फल उगाने वाले किसान इसका सबसे ज्यादा लाभ ले रहे हैं। किसानों का दावा है कि इससे फसलों में पानी की कमी की सटीक जानकारी मिल रही है। अभी तक किसान खेत में अनुमान के आधार पर ही सिंचाई करते थे, लेकिन इस डिवाइस की मदद से अब सिंचाई कम करनी पड़ रही है। एग्रोट्रेस के संस्थापक रजनीश तिवारी और आदित्य मिश्र ने बताया कि डिवाइस का प्रयोग हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के किसान बड़े पैमाने पर कर रहे हैं।