ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पीने के पानी के लिए दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। लोग ट्रैक्टर, बाइक और अन्य साधनों से दूर-दराज के हैंडपंपों से पानी लाकर अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूर हैं। इस समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बोरिंग को ठीक करवाकर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।