हॉरर रील के शौक से डरावने सपनों का खौफ
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रील की लत किशोरों की रियल लाइफ पर असर डाल रही है। उन्हें रात में डरावने सपने (नाइटमेयर) आते हैं। साथ ही निद्रा चक्र प्रभावित हो गया है। ऐसे किशोरों और युवाओं में आत्मविश्वास घट जा रहा है। पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। अभिभावक किशोरों को लेकर मनोरोग विभाग की किशोरावस्था क्लीनिक में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के एडोलेसेंट क्लीनिक में आए किशोरों की हिस्ट्री से पता चला है कि जिनको डरावने सपने आ रहे हैं, वे हॉरर रील अधिक देखते हैं।
घर वालों ने बताया कि वे सोते-सोते चौंककर उठ जाते हैं। इसके अलावा सोने के दौरान उठकर चल पड़ते हैं। इससे गिरने का डर रहता है। जब होश आता है तो उन्हें कुछ पता नहीं रहता। परीक्षाओं में ये फेल जाते हैं या फिर बहुत कम अंक पा रहे हैं। ऐसे किशोरों की याददाश्त भी प्रभावित हुई है। किसी काम को लेकर उनमें आत्मविश्वास नहीं रहता। घर वालों के कुछ कहने पर उग्र बर्ताव करने लगते हैं।