प्रशिक्षण से बाहर कर दिया गया
डॉ. काला का कहना है कि आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई होने के बाद ही वह मानेंगे। डॉक्टर प्रशिक्षण लेने के लिए शराब पीकर अस्पताल आते हैं। यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों के स्टाफ को वेंटिलेटर के इस्तेमाल और आईसीयू के संबंध में एक सप्ताह के लिए प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई। डॉ. शिवम मिश्रा भी इसी व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण ले रहा था। विभागाध्यक्ष डॉ. अग्रवाल ने बताया कि घटना के बाद उसे प्रशिक्षण से बाहर कर दिया गया है।
कह रहा था कि अब नशा छोड़ देगा
वहीं, कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि डॉ. शिवम मिश्रा उनके पास आया था। बहुत रो-गा रहा था। कह रहा था कि अब नशा छोड़ देगा। वह लखनऊ के निरवाना नशा मुक्ति केंद्र में नशे की लत छोड़ने के लिए भर्ती हो गया है। डॉ. चंद्रा ने बताया कि वह बहुत परेशान है। कांशीराम अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. मिश्रा की तैनाती तो कांशीराम अस्पताल में है, लेकिन वह काम उर्सला में कर रहा है। उर्सला में अनेस्थेसिया के डॉक्टर की जरूरत थी, तो उसे वहां भेज दिया गया।
इसके पहले भी प्रशिक्षण लेने आए डॉक्टर ने की थी हरकत
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि इस तरह की यह दूसरी घटना है। इसके पहले प्रशिक्षण के लिए आए उर्सला के नेत्र रोग विशेषज्ञ ने रेजीडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ की थी। रेजीडेंट डॉक्टर को बहुत परेशान किया गया। वह भी शराब का लती रहा है। इससे रेजीडेंट डॉक्टर मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गई थी। मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई थी। मामले में जांच कमेटी भी गठित की गई थी। उन्होंने कहा कि अब इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।