मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के अंतर्गत बारादेवी - नौबस्ता एलिवेटेड सेक्शन में गुरुवार को सिग्नल सिस्टम की टेस्टिंग प्रक्रिया और पार्शियल एक्सेप्टेंस टेस्ट शुरू हुआ। इस सेक्शन के पांचों स्टेशनों (बारादेवी, किदवईनगर, वसंत विहार, बौद्धनगर, नौबस्ता) में सिग्नल इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा हो गया है। सिविल निर्माण और अन्य सिस्टम इंस्टॉलेशन कार्य भी अंतिम चरण में हैं। पांच किलोमीटर लंबे इस सेक्शन में 24 सिग्नल लगाए गए हैं। इनमें बारादेवी स्टेशन पर आठ, नौबस्ता स्टेशन पर 10 और बीच के तीन स्टेशनों में दो-दो सिग्नल लगाए गए हैं।
इन स्टेशनों पर पहले इनडोर केबलिंग की गई और ट्रेन रेडियो एक्सेस एंटीना लगाए गए। इसके बाद पिको टेस्ट के माध्यम से वायरिंग कनेक्शन की जांच की गई। अब पार्शियल एक्सेप्टेंस टेस्ट के तहत सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े उपकरणों (सिग्नल, एंटीना आदि) का अलग-अलग परीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के बाद सिस्टम एक्सेप्टेंस टेस्ट किया जाएगा, जिसमें ट्रेन को इन्हीं सिग्नलों के आधार पर चलाकर जांच की जाएगी।
लगाए गए सिग्नल
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान सिग्नलिंग एंड टेलीकॉम विभाग के सहायक महाप्रबंधक दीपक पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार के अनुसार बारादेवी-नौबस्ता सेक्शन में ट्रैक निर्माण और सिग्नल इंस्टॉलेशन कार्य पूरे हो चुके हैं। अब सिग्नलिंग सिस्टम के पार्शियल एक्सेप्टेंस टेस्ट की शुरुआत की गई है।
लगाए गए सिग्नल
- फोटो : अमर उजाला
मेट्रो सिग्नलों के तीनो रंगों का अर्थ
- लाल रंग ट्रेन को रुकने का संकेत देता है।
- बैंगनी रंग ट्रेन को सीमित गति में आगे बढ़ने की अनुमति देता है, जब आगे कोई ट्रेन या अवरोध हो।
- हरा रंग आगे का ट्रैक पूरी तरह खाली होने का संकेत देता है, जिससे ट्रेन अधिकतम गति से आगे बढ़ सकती है।