हनुमंत विहार थानाक्षेत्र के संजयगांधी नगर में खंभे से उतरे करंट की चपेट में आने से शनिवार सुबह केशव तिवारी (15) की जान चली गई। बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने से लोगों ने जमकर हंगामा किया। जिम्मेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
हनुमंत विहार थानाक्षेत्र के संजयगांधी नगर निवासी प्राइवेटकर्मी रामजी तिवारी के परिवार में पत्नी मोनी, बड़ा बेटा केशव तिवारी (15) और छोटा अंश हैं। परिजनों के अनुसार शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे केशव कुछ सामान खरीदने दुकान गया था। लोगों का कहना है कि खंभे के पास गाय को करंट को करंट का झटका लगता देख वह शोर मचाते हुए भागने लगा। इसी बीच उसका पैर खंभे के पास भरे पानी में पड़ गया। पानी में करंट था। शोर मचने पर गाय एकदम से भागी, लेकिन केशव वहीं गिरकर तड़पने लगा। शोर सुनकर मां मोनी दाैड़ी तो लोगों ने रोक लिया।
बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि करंट लगने पर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देकर बिजली बंद करने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिसकर्मियों ने फोन कर सप्लाई बंद कराई तब परिजन उसे उठाकर हैलट ले गए। वहां डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत से क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वह बिजली विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए हंगामा करने लगे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चला।
मौके पर लगी भीड़
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हनुमंत विहार थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि पिता ने बिजली विभाग के जिम्मेदारों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर वसंत विहार सबस्टेशन पहुंचे। वहां फिर से हंगामा किया। अधिशासी अभियंता से चार लाख रुपये मुआवजा मिलने के आश्वासन के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।