देश की सात आईआईटी में कानपुर के शिक्षक बने निदेशक
आईआईटी कानपुर में पढ़ाने वाले तीन शिक्षकों को देश की अलग-अलग आईआईटी का निदेशक बनाया गया है। इन सबने गुरुवार को कामकाज संभाल लिया। इससे पहले चार शिक्षकों को अलग-अलग आईआईटी का निदेशक बनाया जा चुका है। यानी कानपुर से ही देश के सात आईआईटी के निदेशक हैं। देश में कुल आईआईटी की संख्या 23 है।
डिप्टी डायरेक्टर का कामकाज संभाल रहे प्रो. एके चतुर्वेदी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी रुड़की का नया निदेशक बनाया है। प्रो. चतुर्वेदी ने गुरुवार को कार्यभार संभाल लिया। इसी तरह कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. रजत मूना को आईआईटी भिलाई का नया निदेशक बनाया गया है। प्रो. वीके मिश्रा अब आईआईटी गोवा के निदेशक होंगे। इसे आईआईटी प्रशासन अपनी बड़ी उपलब्धि बता रहा है। प्रशासन का कहना है कि आईआईटी से बीटेक, एमटेक, एमएससी, एमबीए सहित अलग-अलग कोर्स के सर्वश्रेष्ठ स्टूडेंट निकलते हैं। रिसर्च और प्रोजेक्ट की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। ऐसे में निदेशक का कार्यभार मिलना सम्मान की बात है। इससे पहले सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. सुधीर जैन को आईआईटी गांधी नगर का निदेशक बनाया गया था। आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. सीवीआर मूर्ति, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल और आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. गौतम विश्वास हैं जो आईआईटी कानपुर के शिक्षक हैं। पांच-पांच साल की प्रति नियुक्ति पर निदेशक बने हैं।
प्रो. मणींद्र बने डिप्टी डायरेक्टर
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मणींद्र अग्रवाल को आईआईटी कानपुर का नया उप निदेशक बनाया गया है। प्रो. एके चतुर्वेदी के आईआईटी रुड़की के निदेशक बनने के बाद यह पद खाली हुआ था। प्रो. मणींद्र को अंतरराष्ट्रीय रिसर्च के लिए जाना जाता है। कंप्यूटर सिक्योरिटी पर विशेष काम करने को लेकर अमेरिका से अवार्ड भी मिल चुका है। शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं।