जीएसटीआर 1 ए फॉर्म शुरू किया
अब जुलाई से जीएसटीआर-3बी में जो टैक्स देनदारी ऑटो-पॉपुलेट होगी, वह पूरी तरह से लॉक रहेगी।
यानी करदाता उसमें कोई बदलाव (संशोधन) नहीं कर पाएंगे। अगर गलती हो जाए, तो जीएसटीएन ने इसके समाधान के रूप में जीएसटीआर 1 ए फॉर्म शुरू किया है। इससे करदाता बिक्री की जानकारी सुधार सकते हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटीआर 1, जीएसटीआर-3 बी, जीएसटीआर 4, जीएसटीआर 5, जीएसटीआर 6, जीएसटीआर 7, जीएसटीआर 8 और जीएसटीआर 9 तीन साल की समय सीमा समाप्त होने के बाद दाखिल नहीं किए जा सकेंगे।
नहीं तो पेनाल्टी लग सकेगी और नोटिस भी आएगा
उन्होंने बताया कि इस नियम से उन करदाताओं को बड़ा झटका हो सकता है, जिन्होंने पुरानी अवधि के रिटर्न अब तक दाखिल नहीं किए हैं। यदि करदाता पिछले वर्षों का कोई भी जीएसटी रिटर्न नहीं भरा है, तो उसे जुलाई 2025 से पहले जरूर दाखिल करना पड़ेगा। नहीं तो पेनाल्टी लग सकेगी और नोटिस भी आएगा।