संदिग्ध पाए गए प्रपत्रों को सीज किया
फर्म की ओर से दो व्यापारिक स्थलों से यात्री बुकिंग एवं माल परिवहन का कार्य अघोषित रूप से किया जा रहा था। इसकी कोई घोषणा जीएसटी पोर्टल पर नियमानुसार नहीं की गई थी। जांच के समय फर्म द्वारा पोर्टल पर घोषित रिकार्डों एवं प्रस्तुत प्रपत्रों में भारी अनियमितता पाई गयी। जांच में संदिग्ध पाए गए प्रपत्रों को सीज किया गया। छापा की कार्रवाई मंगलवार से बुधवार सुबह पांच बजे तक की गई, जिसमें अनियमितताओं के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
बड़ी परिवहन और लॉजिस्टिक कंपनियों पर भी जल्द कार्रवाई
कार्रवाई के बाद संचालक ने 4.02 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। कार्रवाई में उपायुक्त (एसआईबी) अभिषेक कुमार चतुर्वेदी, सहायक आयुक्त प्रभात कुमार चौधरी, दीपक सिंह, रज्जनलाल, गोपाल कृष्ण सारस्वत आदि शामिल रहे। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इसी तरह अन्य बड़ी परिवहन और लॉजिस्टिक कंपनियों पर भी जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा।