जीटी रोड में चार-लेन के एलिवेटेड रोड के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का मसौदा तैयार कर लिया गया है। कंसलटेंट कंपनी ने सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में इसका प्रस्तुतिकरण किया। एलिवेटेड रोड पर टाटमिल, अफीमकोठी, जरीबचाैकी, कोकाकोला को भी जोड़ने की तैयारी है। इससे घंटों का समय मिनटों में तय हो जाएगा। एयरपोर्ट, प्रयागराज हाईवे और लखनऊ हाईवे पहुंचना आसान हो जाएगा। मंत्रालय की हरी झंडी और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही अगले साल से निर्माण शुरू कराने की तैयारी है। तय हुआ है कि एलिवेटेड रोड के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक की तरह डिवाइडर में पिलर बनाए जाएंगे।
शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाईवे विंग (एनएच पीडब्ल्यूडी) जीटी रोड में रामादेवी चौराहे से करीब 10.47 किलोमीटर दूर गोल चौराहे तक चार-लेन का एलिवेटेड रोड (उपरिगामी मार्ग) बनाने की तैयारी कर रही है। एलिवेटेड रोड का डीपीआर हैदराबाद की कंसलटेंट कंपनी हेक्सा तैयार कर रही है। उच्चस्तरीय समग्र विकास समिति के अध्यक्ष मंडलायुक्त अमित गुप्ता की अध्यक्षता में 15 दिन पहले बैठक हुई थी, जिसमें समिति से समन्वयक नीरज श्रीवास्तव के प्रस्ताव पर अध्यक्ष ने सेतु निगम को घंटाघर के टाटमिल चौराहे को जोड़ने वाले हैरिसगंज पुल का चौड़ीकरण करते हुए तीन लेन का करने के लिए डीपीआर बनाने का निर्देश दिया था।
साथ ही एनएच पीडब्ल्यूडी और हेक्सा कंपनी को निर्देश दिए कि डीपीआर में हैरिसगंज पुल को टाटमिल चौराहे पर एलिवेटेड रोड से जोड़ने और रामादेवी चौराहे के ऊपर इस पुल को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का समावेश करते हुए डीपीआर तैयार किया जाए। इसके बाद कंपनी को निर्देश दिए गए कि इस रूट से ज्यादा से ज्यादा मार्गों को एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाए, ताकि इन मार्गों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोग वाहनों से एलिवेटेड रोड पर पहुंच सकें। इसके तहत कोकाकोला चौराहा, गुमटी चौराहा, जरीबचौकी, अफीमकोठी, झकरकटी, टाटमिल चौराहे में जाम में फंसे बिना रामादेवी चौराहे के ऊपर राष्ट्रीय राजमार्ग के एलिवेटेड रोड तक फर्राटा भर सकें। इसके चलते रामादेवी से गोलचाैराहा तक एक घंटे के बजाय अब 30 मिनट ही लगेगा।
इस सप्ताह फिर से प्रस्तुतिकरण
एनएच पीडब्ल्यूडी के अनुसार, हेक्सा कंपनी ने प्रस्तावों को समायोजित कर डीपीआर का मसौदा तैयार कर लिया है। कंपनी ने सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय (आरओ ऑफिस) में तीन दिन पहले डीपीआर के मसौदे का प्रस्तुतिकरण किया था। वहां मंत्रालय और एनएच पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुछ सुझाव दिए हैं, जिनका जल्द से जल्द समावेश करते हुए इसी सप्ताह फिर से प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
दो साल पहले वार्षिक कार्ययोजना में शामिल हुआ प्रस्ताव, 1100 करोड़ बजट का भी प्रावधान
उच्चस्तरीय समग्र विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने जीटी रोड में एलिवेटेड रोड निर्माण का प्रस्ताव दो साल पहले वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया था। तब इसके निर्माण के लिए बजट में 1100 करोड़ का प्रावधान भी किया गया था। एनएच पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिशासी अभियंता एसपी ओझा ने इसके लिए सर्वे भी कराया था। रिपोर्ट भी भेजी थी, पर तब तक वित्तीय वर्ष खत्म होने के कारण प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाया था। अब मंत्रालय कंसलटेंट कंपनी से चार लेन के एलिवेटेड रोड का डीपीआर तैयार करा रहा है।